भारत और अमेरिका के रिश्तों के हालात इस वक्त कुछ खास ठीक नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। इसके साथ ही पाकिस्तान के साथ अमेरिका की नजदीकिया भी भारत के लिए अच्छे संकेत नहीं है। ऐसे में एक बार फिर से कांग्रेस ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के फिर से प्रस्तावित अमेरिकी दौरे को लेकर शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच विशेष रिश्ता होने का दावा अब पूरी तरह बेनकाब हो गया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, जिसकी भड़काऊ और सांप्रदायिक टिप्पणियों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पृष्ठभूमि तैयार की थी, अब अमेरिका का बेहद प्रिय बन चुका है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने 18 जून 2025 को उसे वाशिंगटन में एक अप्रत्याशित भोज पर आमंत्रित किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तानी सेना प्रमुख एक बार फिर अमेरिका जा रहा है, इस बार सेवानिवृत्त हो रहे अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला के विदाई समारोह में शामिल होने के लिए। जनरल कुरिल्ला वही हैं, जिन्होंने 10 जून 2025 को पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी अभियानों में एक शानदार साझेदार बताया था। यह एक अजीबोगरीब प्रमाण-पत्र था।’’

रमेश के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ विशेष संबंध का दावा करते रहे हैं, लेकिन अब यह दावा पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘ जनवरी 2025 से अब तक अमेरिका ने भारत में कोई स्थायी राजदूत नियुक्त नहीं किया है और न ही किसी नाम को पुष्टि के लिए अमेरिकी सीनेट में भेजा गया है, जबकि चीन जैसे अन्य अहम देशों के लिए यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% आयात शुल्क लगाने के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज़िम्मेदार ठहराया। खड़गे ने एक्स पर एक पोस्ट में तंज कसते हुए कहा, “आप इस विदेश नीति की दुर्दशा के लिए कांग्रेस के 70 सालों को भी दोष नहीं दे सकते।”

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