----------------

देहरादून, 04 अप्रैल । देहरादून स्थित दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में वरिष्ठ साहित्यकार तापस चक्रवर्ती की पुस्तक ‘हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का लोकार्पण एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी की ऐतिहासिक यात्रा को सजीव रूप में प्रस्तुत करती है। पुस्तक के माध्यम से पाठक को ऐसा अनुभव होता है मानो वह स्वयं उस ऐतिहासिक नगर का भ्रमण कर रहा हो। पुस्तक में चौदहवीं सदी में विजयनगर साम्राज्य के उत्कर्ष से लेकर सोलहवीं सदी में तालीकोटा के युद्ध के बाद हुए पतन तक की ऐतिहासिक घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। इसमें शासकों का परिचय, विदेशी यात्रियों के विवरण, मंदिरों एवं राजमहलों का वर्णन, धार्मिक-सांस्कृतिक स्थिति तथा हम्पी के स्थापत्य की विशेषताओं को समाहित किया गया है।

यह पुस्तक वर्ष 2025 में “वैली ऑफ वर्ड्स” के नॉन-फिक्शन वर्ग में शॉर्टलिस्ट हो चुकी है। इसके अतिरिक्त इसे कादंबरी संस्था जबलपुर द्वारा “साहित्य सरस्वती सम्मान” तथा लिटरेचरलाइट पब्लिशिंग द्वारा “स्पर्श साहित्य सम्मान” से भी नवाजा जा चुका है। लेखक तापस चक्रवर्ती हाल ही में केन्द्रीय जीएसटी विभाग से सहायक आयुक्त पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और उनके अब तक पांच यात्रा-वृत्तांत प्रकाशित हो चुके हैं।

कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल मुख्य अतिथि रहीं। परिचर्चा में उत्तराखंड साहित्य भूषण से सम्मानित कहानीकार डॉ. जितेन ठाकुर तथा वरिष्ठ साहित्यकार मुकेश नौटियाल ने भाग लिया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने की। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के चन्द्रशेखर तिवारी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और संचालन डॉ. भारती मिश्र ने किया।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights