देश में पहली बार मेट्रो और रीजनल रेल (नमो भारत ट्रेन) एक ही ट्रैक पर दौड़ने जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) की मेरठ आरआरटीएस परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक परियोजना का उद्घाटन जल्द कर सकते हैं। 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर में पहले ही 55 किलोमीटर हिस्से पर नमो भारत ट्रेन का संचालन हो रहा है। अब बचे हुए 21 किलोमीटर ट्रैक पर मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी, जो मेरठ साउथ से मोदीपुरम डिपो तक यात्रियों को सेवाएं देंगी।

एक साथ दो ट्रेन सेवाएं: एक ही ट्रैक, दो सिस्टम
यह देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जहां नमो भारत और मेरठ मेट्रो एक ही ट्रैक साझा करेंगी। इन दोनों सेवाओं के लिए मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशन साझा होंगे। मेट्रो हर 10 मिनट, जबकि नमो भारत ट्रेनें 15 मिनट के अंतराल पर चलेंगी।

उन्नत सुविधाओं से लैस मेट्रो, यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव
21 किलोमीटर लंबे मेरठ मेट्रो सेक्शन में 13 स्टेशन शामिल हैं। मेट्रो ट्रेनों में गद्देदार सीटें, लगेज रैक, USB चार्जिंग, Wi-Fi, और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर व स्ट्रेचर की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और विशेष आवश्यकता वाले यात्रियों के लिए अलग सीटें आरक्षित की गई हैं। ट्रेनों की डिज़ाइन भारतीय तकनीक से बनी है और इसकी अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड 120 किमी/घंटा और डिजाइन स्पीड 135 किमी/घंटा है, जो इसे दिल्ली मेट्रो से तेज बनाती है।

भव्य स्टेशन और स्मार्ट कनेक्टिविटी
स्टेशनों को मोर के पंखों से प्रेरित डिज़ाइन में सजाया गया है। बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन, दिल्ली के राजीव चौक स्टेशन की तर्ज पर 65 फीट नीचे बनाया गया है। वहीं आनंद विहार स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की ब्लू और पिंक लाइन से जुड़ेगा और यहां 90 मीटर लंबा फुटओवर ब्रिज और 500 वाहनों की पार्किंग सुविधा होगी।

सस्ता किराया, एक ही कार्ड से सफर
यात्रा को सुगम बनाने के लिए एक सिंगल स्मार्ट कार्ड से मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और भविष्य में डीटीसी बस सेवाओं में भी सफर संभव होगा। किराया 20 से 150 रुपये (सामान्य) और 30 से 225 रुपये (प्रीमियम) के बीच रखा गया है।

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