योगी सरकार ने डिजिटल भारत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार के प्रयास से वाराणसी सेंट्रल जेल में अब ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके शुरू होने से प्रशासनिक आदेश, सरकारी पत्राचार, बंदियों की रिहाई,  और शासन -प्रशासन से जुड़े अन्य जरूरी कार्य अब तेज गति से पूरे किए जा सकेंगे। अब तक जेल प्रशासन को किसी भी सरकारी आदेश, पत्र या निर्देश के लिए डाक व्यवस्था अथवा कर्मचारी पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे कई बार आदेशों के पहुंचने और उस पर कार्रवाई होने में अनावश्यक विलंब होता था। विशेष रूप से बंदियों की रिहाई से जुड़े आदेश समय से हो सकेंगे।

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ऑनलाइन माध्यम से दस्तावेजों को तुरंत देख सकेंगे अधिकारी 
ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद सभी जरूरी आदेश, पत्र और निर्देश एक क्लिक पर उपलब्ध होंगे। अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से दस्तावेजों को तुरंत देख सकेंगे और उस पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और कार्य प्रणाली अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनेगी।

पत्राचार में भी अब नहीं होगी देरी
सेंट्रल जेल के अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्रा ने बताया कि इस जेल में ई-ऑफिस की शुरुआत हो गई है। ई-ऑफिस के माध्यम से अब किसी भी विभाग से प्राप्त आदेश तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगा। इससे फाइलों के लंबित रहने की समस्या कम होगी और निर्णय प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही जेल से शासन और अन्य विभागों को भेजे जाने वाले पत्राचार में भी अब देरी नहीं होगी।

डिजिटल व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में होगी सुविधा 
जेल अधीक्षक के मुताबिक इस डिजिटल व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रखने, दस्तावेजों की निगरानी करने और कार्यों की ऑनलाइन ट्रैकिंग करने में भी सुविधा मिलेगी। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आने के साथ-साथ जवाबदेही भी बढ़ेगी।

वाराणसी सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू
यह पहल उत्तर प्रदेश कारागार विभाग द्वारा जेलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वाराणसी सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से अब प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और बंदियों से जुड़े मामलों का निस्तारण भी समय पर हो सकेगा।

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