लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक शिक्षक द्वारा फोन पर कथित रूप से एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक और अपमानजनक बातचीत किए जाने एवं परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्नपत्र दिखाने का दावा किए जाने के बाद जांच कर प्राथमिकी दर्ज कराई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर शाम शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ आरंभ कर दी गई है । हालांकि, आरोपी शिक्षक ने सभी आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि विश्वविद्यालय के भीतर और विद्यार्थियों के बीच आंतरिक राजनीति के कारण उसे झूठा फंसाया जा रहा है।
कुलपति सख्त, आंतरिक समिति से 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट
विश्वविद्यालय के सूत्रों ने कहा कि मामला तब सामने आया जब छात्रा ने कथित घटना के बारे में प्रशासन को सूचित किया और फोन पर बातचीत के कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए।ऑडियो में प्रोफेसर को कथित रूप से यह कहते सुना जा सकता है, ‘डॉर्लिंग, तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है। एग्जाम से पहले घर से आ जाओ। यहां पेपर तुम्हें दे देते हैं।’ शुक्रवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि वह ऐसे मामलों में कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति का पालन करता है और संस्थान की गरिमा एवं शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करने वाले किसी भी आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुलपति जे पी सैनी ने विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति को 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
प्रोफेसर परमजीत सिंह पर FIR दर्ज, पेपर लीक और उत्पीड़न का आरोप
विश्वविद्यालय ने कहा कि यह कदम निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और आरोप सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उसने कहा कि परीक्षा नियंत्रक ने ऑडियो क्लिप में किए गए कथित पेपर लीक के दावों के संबंध में संबंधित शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। लखनऊ पुलिस द्वारा शुक्रवार देर रात जारी किए गए एक बयान के अनुसार, प्राणिविज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह के खिलाफ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की शिकायत पर हसनगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सिंह ने एक महिला छात्रा के साथ अश्लील बातचीत की, उसे अनुचित लाभ की पेशकश की और विश्वविद्यालय परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने के संबंध में दावे किए। पुलिस ने कहा कि छात्रा द्वारा ऑडियो क्लिप सौंपे जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक जांच समिति गठित की थी।
आरोपी प्रोफेसर पुलिस हिरासत में, आरोपों को बताया आंतरिक राजनीति
बयान में कहा गया है कि मामला संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है और जांच सहायक पुलिस आयुक्तर द्वारा की जाएगी। इसमें कहा गया कि आरोपी प्रोफेसर को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्यवाही चल रही है। इससे पहले विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि आरोपी शिक्षक, छात्रा और कुछ अन्य विद्यार्थियों के बयान शुक्रवार को प्रॉक्टर कार्यालय में दर्ज किए गए तथा जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। सहायक प्रोफेसर परमजीत सिंह ने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि मैं इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करता हूं। विश्वविद्यालय के भीतर और विद्यार्थियों के बीच आंतरिक राजनीति के कारण मुझे इस मामले में निशाना बनाया जा रहा है एवं फंसाया जा रहा है।
ABVP का फूटा गुस्सा, प्रोफेसर को तुरंत बर्खास्त करने की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने एक बयान में आरोप लगाया कि वायरल ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर शिक्षक द्वारा विद्यार्थी के लिए की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां और परीक्षा प्रश्न पत्र लीक होने से संबंधित दावे हैं। अभाविप ने आरोपी शिक्षक को तत्काल बर्खास्त करने और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अभाविप (लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई) के अध्यक्ष जय श्रीवास्तव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, स्थानीय पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार को परीक्षा की शुचिता और यौन उत्पीड़न से संबंधित कड़े प्रावधान लागू करने चाहिए और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार करना चाहिए।
