मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। पटवारी ने नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के कारण आदिवासियों के विस्थापन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। जीतू पटवारी ने नीट परीक्षा विवाद को केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। पटवारी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि देश इस समय दो बड़े संकटों से जूझ रहा है, पहला ‘नीट परीक्षा घोटाला’ और दूसरा केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के नाम पर आदिवासियों का ‘‘शोषण’’।

उन्होंने कहा कि ये केवल राजनीतिक मुद्दे नहीं हैं, बल्कि देश के भविष्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल हैं। पटवारी ने कहा कि तीन मई को नीट परीक्षा में करीब 24 लाख विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन एक बार फिर कथित पेपर लीक और धांधली ने विद्यार्थियों तथा उनके परिवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया। मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच मंगलवार को रद्द कर दिया गया। केंद्र सरकार ने मामले में ‘‘अनियमितताओं’’ की व्यापक जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के निर्देश दिए हैं। पूर्व मंत्री पटवारी ने दावा किया कि इससे पहले भी कई परीक्षाओं में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं का ठीकरा हमेशा अधिकारियों पर फोड़ने की कोशिश करती है। पटवारी ने कहा कि जब-जब परीक्षा घोटाले सामने आए हैं, तब-तब भाजपा से जुड़े लोगों के नाम उजागर हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा को शिक्षा व्यवस्था पर थोपा जा रहा है तथा विभिन्न संस्थानों में ‘‘अपने लोगों’’ की नियुक्ति की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में सबसे अधिक पेपर लीक और भर्ती घोटाले हुए हैं। मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले का जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि भाजपा शासन में युवाओं के भविष्य को व्यवस्थित तरीके से बर्बाद किया गया है। केन-बेतवा परियोजना का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि वह पिछले कई दिनों से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 11 मई को उन्होंने पन्ना में आंदोलनरत विस्थापित परिवारों से मुलाकात की और अगले दिन छतरपुर जिले में प्रभावित लोगों से बातचीत की। पटवारी ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों से मिलने के लिए कहा था और कांग्रेस उनके संघर्ष में मजबूती से साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना के कारण हजारों आदिवासी परिवार विस्थापित हो रहे हैं और उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।

पटवारी ने दावा किया कि कई वर्ष पहले तय की गई मुआवजा राशि अब बेमानी हो चुकी है और उस समय नाबालिग रहे परिवार के सदस्यों को पुनर्वास और मुआवजे के दायरे से बाहर रखा गया है।

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