जम्मू कश्मीर सरकार ने बढ़ती महंगाई और वैश्विक दबाव तथा ईरान में युद्ध के कारण संसाधनों पर पड़ रहे दबाव के बीच, खर्च को तर्कसंगत बनाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से एक बड़े कदम के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सख्त खर्च-कटौती और मितव्ययिता के उपाय जारी किए हैं. इसके तहत सरकारी कार्यक्रमों, वाहनों की खरीद, विदेश यात्रा, कार्यालय के लिए जगह किराए पर लेने और नए पद सृजित करने पर प्रतिबंध लगाए गए हैं.

वित्त विभाग द्वारा 22 मई को जारी सरकारी आदेश संख्या 198-F (2026) के अनुसार, सभी विभागों को तत्काल प्रभाव से सख्त वित्तीय विवेक उपायों को अपनाने का निर्देश दिया गया है.

प्राइवेट होटल में बैठकों पर पाबंदी

आदेश के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश के बाहर सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशालाएं और प्रदर्शनियां आयोजित करने को हतोत्साहित किया गया है, जबकि निजी होटलों और व्यावसायिक स्थलों पर बैठकें आयोजित करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. ऐसे कार्यक्रमों के लिए सरकारी भवनों और आधिकारिक बुनियादी ढांचे का उपयोग अनिवार्य किया गया है. सरकार ने आधिकारिक रात्रिभोज, दोपहर के भोजन, स्वागत समारोह और आतिथ्य कार्यक्रमों पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है, सिवाय उन कार्यक्रमों के जिनकी मेजबानी उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री करते हैं.

सरकारी वाहन खरीद कम

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में, नए सरकारी वाहनों की खरीद को सख्ती से हतोत्साहित किया गया है और केवल असाधारण मामलों में ही वित्त विभाग की सहमति से इसकी अनुमति दी जाएगी. विभागों से कहा गया है कि वे ईंधन और रखरखाव के खर्च को कम करने के लिए उपलब्ध वाहनों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करें और उनका साझा उपयोग (पूलिंग) करें.

आदेश में आगे कहा गया है कि अधिकारियों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति वित्त विभाग की विशेष मंजूरी के बिना नहीं दी जाएगी, जबकि देश के भीतर यात्रा करने वाले अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी पात्रता (एंटाइटलमेंट) की परवाह किए बिना केवल इकोनॉमी क्लास में ही यात्रा करें. यात्रा खर्च को कम करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वर्चुअल प्लेटफॉर्म के उपयोग पर भी जोर दिया गया है.

उर्जा बचत पर जोर

ऊर्जा लागत में कटौती करने के लिए, विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे सरकारी वाहनों, जनरेटर, एयर-कंडीशनिंग सिस्टम और रोशनी का अनावश्यक उपयोग करने से बचें। कार्यालयों को कागज की खपत कम करने और आधिकारिक कामकाज में ‘डिजिटल-फर्स्ट गवर्नेंस’ (डिजिटल को प्राथमिकता देने वाले शासन) दृष्टिकोण अपनाने का भी निर्देश दिया गया है.

बिना मंजूरी के नया फर्नीचर मनाही

वित्त विभाग ने बिना पूर्व मंजूरी के कार्यालय के लिए नई जगह किराए पर लेने पर रोक लगा दी है और नए स्थापित कार्यालयों को छोड़कर फर्नीचर की खरीद को भी प्रतिबंधित कर दिया है. पुराने फर्नीचर और अनुपयोगी (कंडम्ड) वाहनों की नीलामी की जाएगी और उससे प्राप्त राशि को विविध राजस्व के रूप में जमा किया जाएगा.

एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपाय के तहत, सरकार ने आदेश दिया है कि कोई भी नया पद सृजित नहीं किया जाएगा और दो साल से अधिक समय से खाली पड़े पदों को समाप्त (सरेंडर) किया जा सकता है. सलाहकारों, आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदात्मक सेवाओं को नियुक्त करने के लिए अब उनकी कार्यात्मक आवश्यकता के पूर्व मूल्यांकन और वित्त विभाग से मंजूरी की आवश्यकता होगी.

नए प्रस्तावों पर रोक

इस आदेश के तहत, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मंज़ूर किए गए बजट अनुमानों में शामिल न की गई योजनाओं या प्रस्तावों पर कोई भी नई वित्तीय प्रतिबद्धता करने पर भी रोक लगा दी गई है. कैपेक्स बजट के तहत आने वाले गैर-प्राथमिकता वाले कार्यों- जिनमें आवासीय क्वार्टरों का नवीनीकरण, टोकन प्रावधान और गैर-ज़रूरी परियोजनाएँ शामिल हैं, पर  तब तक रोक रहेगी, जब तक कि वित्त विभाग द्वारा उन्हें विशेष रूप से मंज़ूरी न दे दी जाए.

प्रशासनिक सचिवों को इन मितव्ययिता उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ज़िम्मेदार बनाया गया है, जबकि वित्त निदेशकों और वित्तीय सलाहकारों को निर्देश दिया गया है कि वे वित्त विभाग को समय-समय पर अनुपालन रिपोर्ट जमा करें.

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