किसान नेता राकेश टिकैत की ओडिशा में गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी माहौल गर्मा गया है. सोमवार, 30 मार्च को जैसे ही राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की खबर सामने आई, भारतीय किसान यूनियन (BKU) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और वो सड़क पर उतर गए. राजधानी लखनऊ में किसानों ने गिरफ्तारी के विरोध में हजरतगंज थाने का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

सोमवार, 30 मार्च को राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के बाद प्रदेशभर में आक्रोश का माहौल देखने को मिला. जैसे ही टिकैत के अरेस्ट होने की खबर की पुष्टि हुई किसान सड़कों पर उतर आए. लखनऊ के हजरतगंज थाने पर बड़ी संख्या में किसान एकत्रित होना शुरू हो गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

किसानों ने हजरतगंज कोतवाली का घेराव किया और राकेश टिकैत की रिहाई की मांग की. इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.

भारतीय किसान यूनियन ने किया प्रदर्शन

राकेश टिकैत की गिरफ्तारी का असर पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद में भी देखने को मिला. ग़ुस्साए किसानों ने मुरादाबाद के अलग-अलग थानों पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है और टिकैत की रिहाई की मांग कर रहे हैं. सोमवार से ही बड़ी संख्या में किसान यहां इकजुट होना शुरू हो गए और दरी बिछाकर बैठ गए.

किसानों का कहना है कि राकेश टिकैत किसानों की समस्याओं को लेकर ओडिशा में चल रहे आंदोलन को मजबूत करने जा रहे थे. लेकिन, वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है.

राकेश टिकैत को रिहा करने की मांग

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने साफ कहा कि जब तक टिकैत को सम्मान के साथ रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा. राकेश टिकैत की गिरफ्तारी बिल्कुल गलत है. यह किसानों की आवाज दबाने की कोशिश है। जब तक उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा, हमारा धरना जारी रहेगा.

मेरठ और बिजनौर में भी भाकियू के कार्यकर्ताओं ने जेल भरो और थाना घेराव का बिगुल फूँक दिया है. मवाना में किसानों ने सीओ दफ़्तर का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की उन्होंने कहा कि जब तक टिकैत को रिहा नहीं किया जाएगा वो यहां से हटेंगे नहीं.

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