दुनियाभर में आर्थिक अस्थिरता और ऑटो सेक्टर में चुनौतियों के बावजूद, भारत का ऑटोमोबाइल बाजार लगातार मजबूत बना हुआ है। वित्त वर्ष 2026 (FY26) के आखिर तक देश की कुल ऑटो बिक्री नया रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

ऑटो मार्केट का विस्तार और संभावित रिकॉर्ड
भारत पहले से ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटो बाजार है। FY26 में दोपहिया, तिपहिया, पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों को मिलाकर कुल बिक्री 2.7 करोड़ यूनिट से ज्यादा होने का अनुमान है। यह FY2019 का 2.62 करोड़ यूनिट का रिकॉर्ड पार कर जाएगा।

दोपहिया वाहनों का दबदबा
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा योगदान दोपहिया (2W) सेगमेंट का है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, FY26 के पहले 11 महीनों में 1.97 करोड़ से ज्यादा दोपहिया वाहनों की बिक्री हो चुकी है, जो पिछले साल की तुलना में 10% ज्यादा है। पूरे साल में यह आंकड़ा लगभग 2.17 करोड़ यूनिट तक पहुंच सकता है।

GST 2.0 से बिक्री में बड़ा बूस्टर
दोपहिया वाहन बिक्री में तेजी का मुख्य कारण सितंबर 2025 में लागू नई टैक्स नीति GST 2.0 है। 350cc तक की बाइकों पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया। इससे बाइक और स्कूटर आम लोगों के लिए किफायती हो गए। इस बदलाव के बाद अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच दोपहिया बिक्री में 22% की वृद्धि दर्ज की गई।

स्कूटर सेगमेंट में रिकॉर्ड वृद्धि
स्कूटर की बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है। FY26 के पहले 11 महीनों में 73.5 लाख से ज्यादा स्कूटर्स बिक चुके हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। पूरे वर्ष में यह संख्या 80 लाख तक पहुंच सकती है। स्कूटर सेगमेंट में 17% की ग्रोथ हुई है, जबकि मोटरसाइकिल की बिक्री में 6% की वृद्धि हुई।

इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता रोल
FY26 में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग भी बढ़ी है। अब तक 13 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बिक चुके हैं। स्कूटर सेगमेंट में EV की हिस्सेदारी करीब 13% हो गई है। इस बदलाव से स्कूटर्स का कुल मार्केट शेयर बढ़कर 37% हो गया है, जबकि मोटरसाइकिल की हिस्सेदारी घटकर 60% रह गई।

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