ईद उल अज़हा के मौके पर बिजनौर के मदरसा माहदुल उलूमिल इस्लामिया के मैनेजर मौलाना डॉक्टर फुरकान मेहरबान अली अल मदनी ने मुस्लिम समुदाय के लिए खास संदेश जारी किया है। उन्होंने सभी से अपील की कि त्योहार को शांति, भाईचारे और इज्जत के साथ मनाया जाए और कुर्बानी के दौरान संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए।

मौलाना ने कहा कि कुर्बानी इस्लाम की एक महत्वपूर्ण इबादत है, जिसे दिखावे का माध्यम न बनाएं। उन्होंने कहा कि कुर्बानी खुले में न करें बल्कि परदे में करें। साथ ही, इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड न करें, क्योंकि इससे दूसरों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।

साफ-सफाई का रखें ध्यान, अवशेष सड़कों पर न फेंकें

मौलाना फुरकान ने विशेष रूप से सफाई का ख्याल रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुर्बानी का खून नालियों में न बहाएं और जानवरों के अवशेष सड़क किनारे न फेंके। इससे न केवल मांस की बेहुरमती होती है बल्कि बीमारियां फैलने का भी खतरा होता है।

प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी से परहेज करें

उन्होंने चेताया कि किसी भी हालत में प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न की जाए। कानून का पालन करें और शांति बनाए रखें।

ईद की नमाज़ मस्जिद में पढ़ें, मांस को ढककर ले जाएं

मौलाना ने कहा कि ईद की नमाज़ मस्जिदों में अदा करें और मांस को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते समय पूरी तरह ढककर रखें ताकि किसी की भावना को ठेस न पहुंचे।

मुख्यमंत्री का जताया आभार, सभी से अमन की अपील

मौलाना फुरकान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट किया और सभी मुसलमानों से सरकारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईद का त्योहार सभी धर्मों के लोगों के बीच सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक बनना चाहिए।

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