राष्ट्रीय भाजपा नेता एडवोकेट सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां ने आज पंजाब से राज्यसभा के 7 प्रमुख सदस्यों राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह का भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर हार्दिक स्वागत और सराहना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने साहस, स्पष्टता और प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है।
ग्रेवाल ने अपने सोशल मीडिया मंचों, विशेषकर (X) पर लिखा कि यह केवल एक राजनीतिक परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह सच के भ्रम पर विजय, विश्वास के संशय पर जीत और राष्ट्रवाद के अवसरवादी राजनीति से ऊपर उठने का सशक्त संदेश है। उन्होंने कहा कि पंजाब सहित पूरा देश एक ऐतिहासिक वैचारिक बदलाव का साक्षी बन रहा है, जहां नेता खोखले नारों और अस्थिर रुख के बजाय विकास, स्थिरता और पारदर्शी शासन को चुन रहे हैं।
ग्रेवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की यात्रा, जो कभी ईमानदारी, सादगी और क्रांति का प्रतीक मानी जाती थी, दुर्भाग्यवश अब विरोधाभासों, समझौतों और टूटे वादों से भरे एक लंबे राजनीतिक नाटक में बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की धरती से अन्ना हजारे की प्रेरणा में शुरू हुआ आंदोलन, जिसमें अरविंद केजरीवाल प्रमुख चेहरा थे, धीरे-धीरे अपने मूल सिद्धांतों से भटक गया। उन्होंने कहा कि शुरुआती दरारें तब सामने आईं जब आंदोलन राजनीति में बदल गया और आदर्शों की जगह सत्ता की रणनीतियों ने ले ली। ग्रेवाल ने कहा कि अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के रास्ते अलग होना इस बदलाव की शुरुआत का प्रतीक था। उन्होंने आगे कहा कि जिन गठबंधनों का कभी कड़ा विरोध किया गया, वे ही बाद में राजनीतिक सुविधा बन गए और नैतिकता की भाषा धीरे-धीरे चयनात्मक चुप्पी और रणनीतिक समायोजन में बदल गई।
ग्रेवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के भीतर विरोधाभास लगातार गहराते गए, स्थापित नेताओं पर हमले करने से लेकर बाद में उनके साथ खड़े होने तक, गंभीर आरोप लगाने से लेकर चुपचाप उन्हें वापस लेने तक और स्वच्छ शासन का वादा करने से लेकर खुद विवादों में घिरने तक। उन्होंने कहा कि आरोपों के तूफान और फिर समाधान की चुप्पी का यह पैटर्न विश्वसनीयता और स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की आंतरिक संरचना, जो कभी आंतरिक लोकतंत्र की बात करती थी, उसमें कई मजबूत आवाजों को किनारे कर दिया गया, जिससे असहमति को दबाने का माहौल बन गया। ग्रेवाल ने कहा कि यह उस पार्टी के लिए बेहद विडंबनापूर्ण है, जिसने कभी अन्य दलों के “हाई कमांड संस्कृति” की आलोचना की थी।
ग्रेवाल ने कहा कि राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह जैसे नेताओं से जुड़े हालिया घटनाक्रम केवल सामान्य राजनीतिक बदलाव नहीं हैं, बल्कि आम आदमी पार्टी के भीतर गहरे वैचारिक पतन के स्पष्ट संकेत हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रतिबद्ध लोग किसी आंदोलन से दूर जाने लगते हैं, तो यह केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं होता, बल्कि उस दिशा में विश्वास के कमजोर होने का संकेत होता है। उन्होंने आगे कहा कि इन सम्मानित सांसदों का भाजपा की ओर आना नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और अमित शाह के निर्णायक शासन मॉडल में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा स्थिरता, विकास, राष्ट्रवाद और जवाबदेह शासन का प्रतीक बन चुकी है।
ग्रेवाल ने कहा कि वह इन सभी नेताओं का भाजपा परिवार में पूरे सम्मान, गरिमा और आशावाद के साथ स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव, बुद्धिमत्ता और जनसेवा के प्रति समर्पण पार्टी के राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण के मिशन को और मजबूत करेगा। ग्रेवाल ने कहा कि इतिहास राजनीतिक यात्राओं का मूल्यांकन उनके शोर से नहीं बल्कि उनके मूल्यों से करेगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की ‘जुगाड़’ से ‘झाड़ू’ तक की कहानी शायद एक सफल क्रांति के रूप में नहीं, बल्कि एक अधूरे वादे के रूप में याद की जाएगी, जबकि भाजपा का मार्ग निरंतर सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का मार्ग है। उन्होंने कहा कि यह क्षण अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है जो सत्य, पारदर्शिता और परिवर्तनकारी शासन की दिशा में पंजाब और भारत के लिए एक निर्णायक कदम है।
