वॉशिंगटन।  अमेरिकी सांसदों ने मंगलवार को  बैठक दौरान संसद के अध्यक्ष स्पीकर  केविन मैक्कार्थी से आग्रह किया है कि अमेरिका दौरे के दौरान संसद के संयुक्त सत्र में संबोधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जाए। अमेरिकी कांग्रेस के कॉकस  का कहना है कि भारत और अमेरिका के रिश्तों को मजबूत बनाने में कांग्रेस में पीएम मोदी का संबोधन बेहतर साबित होगा।

डेमोक्रेटिक पार्टी के कांग्रेसी रो खन्ना ने मैक्कार्थी को लिखी चिठ्ठी में  कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन 22 जून को पीएम मोदी की यात्रा और रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। भारतीय मूल के कांग्रेसी के साथ रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेसी माइकल वाल्ट्ज ने भी केविन को लिखा कि संसद के संयुक्त सत्र में पीएम मोदी का संबोधन दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।  सांसदों ने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रपति बाइडेन रात्रिभोज कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान कर रहे हैं ठीक वैसे ही दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का संसद के संयुक्त सत्र में संबोधन एक सम्मान है।
दोनों कांग्रेसियों ने लिखा कि राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई कुछ बैठकों के कारण दोनों देशों के संबंधों में लचीलापन आया है। सभी के लिए शांति और समृद्धि को बढ़ावा देती है। सांसदों ने कहा कि इससे हम दोनों के व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगे और दोनों देशों के बीच गहरा संबंध स्थापित किया जा सकता है।

खन्ना और वाल्टज ने कहा कि क्वाड्रीलेटरल सुरक्षा संवाद ने भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया को क्षेत्रीय, वैश्विक और सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मंच दिया है। भारत के विकास की अमेरिका सराहना करता है। बता दे, अगर इस बार प्रधानमंत्री संयुक्त सत्र को संबोधित करते हैं तो वह उनके लिए दूसरी बार होगा। बता दें, मई की शुरुआत में दोनों सांसदों ने भारत और अमेरिका समिट की मेजबानी की थी, समिट में देश भर के नेताओं और विशेषज्ञ शामिल हुए थे। सांसदों का कहना है कि हमारे इस प्रयास से भारत-अमेरिका के रिश्तों में मजबूती तो आएगी ही साथ में हम इससे चीन को भी एक कड़ा संदेश दे सकते हैं।

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