ईरान ने करीब दो महीने बाद बड़ी राहत देते हुए इमाम खोमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से वाणिज्यिक उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया है। शनिवार को पहली बार उड़ानें इस्तांबुल, मस्कट और मदीना के लिए रवाना हुईं। अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते संघर्ष के कारण ईरान ने अपनी एयरस्पेस बंद कर दी थी। लेकिन हाल ही में हुए युद्धविराम के बाद धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं और एयरस्पेस को आंशिक रूप से खोल दिया गया है। डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित अनिश्चितकालीन युद्धविराम ने लड़ाई को तो रोका है, लेकिन वैश्विक तेल आपूर्ति अभी भी प्रभावित है। Hormuz जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता जारी है।
इस बीच पाकिस्तान में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्लामाबाद में पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व से लगातार बैठकें कर रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिका ने अपने दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को भी पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है। हालांकि, सबसे बड़ा पेंच यही है ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं करेगा। इसलिए पाकिस्तान मध्यस्थ बनेगा और दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाएगा। इससे पहले 27 फरवरी को जिनेवा में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। इसके अगले ही दिन अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी थी, जिससे हालात और बिगड़ गए।
