अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की प्रस्तावित वार्ता को लेकर शनिवार को भी अनिश्चितता की स्थिति बने रहने के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत ‘लॉकडाउन’ एक सप्ताह से जारी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इसहाक डार और गृह मंत्री मोहसिन नकवी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”ईरान और अमेरिका के बीच कोई बैठक होने की योजना नहीं है।” बाकाई ने कहा कि इसके बजाय पाकिस्तानी अधिकारी दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कराएंगे।

 

 अराघची ने आसिम मुनीर से मुलाकात की
अराघची ने शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों को सुगम बनाने के अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है। ईरानी दूतावास द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के अनुसार, बैठक में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई और ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम भी उपस्थित थे। दूतावास ने वीडियो कैप्शन में कहा कि अराघची ने मुनीर से मुलाकात की। इसने चर्चा के बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर को भी वहां भेजा है। वे आज पाकिस्तान पहुंचेंगे।अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बार पाकिस्तान नहीं गए हैं, उन्हें स्टैंडबाय पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर वे इस्लामाबाद जा सकते हैं। दूसरी तरफ संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी इस बातचीत में शामिल नहीं हो रहे हैं।

 

वे 11-12 अप्रैल को अमेरिका-ईरान की पहली बातचीत में डेलिगेशन के प्रमुख थे। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन पाकिस्तान में ईरान के साथ सीधे शांति वार्ता करेंगे। लेकिन ईरान की तरफ से अलग बयान आया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि ऐसी कोई बैठक तय ही नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान अपनी बात सीधे अमेरिका से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अधिकारियों के जरिए पहुंचाएगा।यानी बातचीत अगर होगी भी, तो आमने-सामने नहीं बल्कि बीच में पाकिस्तान मध्यस्थ का काम करेगा। यानी एक तरफ अमेरिका बातचीत की बात कर रहा है, दूसरी तरफ ईरान साफ इनकार कर रहा है।

 

इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा
इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत दूसरा  ‘लॉकडाउन’ है। वाणिज्यिक क्षेत्र ‘ब्लू एरिया’ में बाजार सुनसान हैं, कैफे में आपूर्ति कम हो रही है और बस अड्डों की सेवाएं बंद होने के कारण सार्वजनिक परिवहन बाधित है जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। लोगों के लिए अनिश्चितता सबसे कठिन स्थिति है। इस्लामाबाद ऐसे लोगों का शहर है, जो सप्ताह के कामकाजी दिनों में काम करते हैं और सप्ताहांत में अपने परिवारों के पास लौट जाते हैं। हाल के सप्ताहों में यह दूसरा ‘लॉकडाउन’ है। अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच वार्ता के लिए इस्लामाबाद में पहले 11 अप्रैल को ‘लॉकडाउन’ किया गया था। वह वार्ता कोई समझौता हुए बिना समाप्त हो गई थी।

 

अमेरिकी दल  इस्लामाबाद नहीं पहुंचा
ईरानी दल के इस्लामाबाद पहुंचने के बीच, ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि पश्चिम एशिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ ”सीधी वार्ता” के लिए शनिवार को पाकिस्तान रवाना होंगे। उन्होंने कहा, ”हर कोई जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान जाने के लिए तैयार रहेगा लेकिन पहले स्टीव और जेरेड वहां जाकर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और बाकी टीम को जानकारी देंगे।” हालांकि, अमेरिकी दल अभी तक इस्लामाबाद नहीं पहुंचा है।

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