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जौनपुर, 20 अप्रैल । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में मिशन ड्रग फ्री कैंपस एवं सोसाइटी अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को संपन्न हुआ। अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग एवं डीन छात्र कल्याण कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई।

कार्यशाला का विषय ड्रग-फ्री सोसाइटी एवं कैंपस का निर्माण: मनो-सामाजिक, चिकित्सकीय एवं आध्यात्मिक मार्ग रहा। विशेषज्ञों ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उद्घाटन सत्र में वाराणसी की नई सुबह संस्था और विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक, शोध और सामुदायिक गतिविधियों में सहयोग को बढ़ावा देना है।

समझौते के तहत अतिथि व्याख्यान, फैकल्टी एक्सचेंज, छात्र प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, संयुक्त सेमिनार और शोध कार्यों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी विस्तार दिया जाएगा। इसके अंतर्गत टेली-काउंसलिंग, ऑफलाइन परामर्श शिविर, आत्महत्या रोकथाम पहल और “नशा मुक्त भारत@2047” अभियान से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने की। मुख्य अतिथि प्रो. आर. बी. कमल ने नशे को युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि कर्नल आलोक डी. सिंह ने अनुशासन और जागरूकता को नशा उन्मूलन का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि क्षेत्राधिकारी सदर देवेश सिंह ने प्रशासनिक स्तर पर चल रहे अभियानों की जानकारी दी।

तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने नशा मुक्ति के चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। राउंड टेबल चर्चा में विभिन्न विशेषज्ञों ने ‘ड्रग-फ्री कैंपस’ के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मनोज पाण्डेय ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यशाला को नशा मुक्ति और छात्र कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।——–

By editor

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