प्रयागराज, 15 अक्टूबर । उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में रेलवे संपत्ति की चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन रेल सुरक्षा’ के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने प्रभावी कार्रवाई की है। जनवरी से सितंबर 2026 तक चोरी के 130 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 120 मामलों का खुलासा किया गया। इस दौरान 260 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। आरपीएफ ने करीब 9.94 लाख रुपये मूल्य की चोरी गई रेलवे संपत्ति भी बरामद की।
मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। नौ माह के दौरान दर्ज मामलों में चोरी गई संपत्ति का अनुमानित मूल्य 12,20,608 रुपये आंका गया। आरपीएफ की कार्रवाई में 9,94,443 रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद की गई।
सितंबर 2026 में रेलवे संपत्ति की चोरी के 11 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में चोरी गई संपत्ति का अनुमानित मूल्य 68,973 रुपये था। आरपीएफ ने छह मामलों का खुलासा करते हुए 46,973 रुपये मूल्य की चोरी गई संपत्ति बरामद की। इस अवधि में 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
रेलवे संपत्ति की चोरी से रेलवे को आर्थिक नुकसान होने के साथ रेल परिचालन और यात्री सुविधाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इसे देखते हुए आरपीएफ संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रख रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ चोरी की घटनाओं में शामिल लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
प्रयागराज मंडल, उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने गुरुवार काे बताया कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा मंडल की प्राथमिकताओं में शामिल है। ‘ऑपरेशन रेल सुरक्षा’ के तहत चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और आरोपितों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, चोरी करने या किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल व्यक्तियों की जानकारी मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल अथवा संबंधित रेल अधिकारियों को सूचित करें। जनसहयोग से रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
