उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साल के अंदर राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती का ऐलान करते हुए रविवार को कहा कि अपने अब तक के नौ साल के कार्यकाल में नौ लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दे चुकी उनकी सरकार ने सकुशल और पारदर्शी तरीके से देश में सर्वाधिक नियुक्तियां करने का रिकॉर्ड कायम किया है।

609 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र 
मुख्यमंत्री ने नव चयनित कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) एवं दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों के 609 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण के कार्यक्रम में कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति और साफ नीयत की वजह से ही प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के अंदर नौ लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दी गयी है। उन्होंने कहा, ”देश के अंदर किसी भी राज्य में सबसे अधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को सकुशल और पारदर्शी तरीके से संपन्न करने का यह रिकॉर्ड है… और हम अभी लगातार नियुक्तियां कर रहे हैं।”

‘सरकार 2026-27 में डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्तियां करेगी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्तियां करेगी। आदित्यनाथ ने कहा, ” अकेले अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया संपन्न करेगा। इसके अलावा शिक्षा सेवा चयन आयोग हजारों शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग लगभग 15 भर्तियां इस साल संपन्न कराएगा। इसके अलावा पुलिस में भी भर्तियों की प्रक्रिया चल रही है।”

‘भर्ती प्रक्रिया में धांधली करने वालों को आजीवन कारावास’ 
उन्होंने कहा, ”यह मानकर चलिये कि एक वर्ष के अंदर यानी 2026-27 के अंदर उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों में डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्तियां होनी हैं।” आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में धांधली को रोकने के लिये सख्त कानून बनाया है जिसमें धांधली करने वालों को आजीवन कारावास और सम्पत्ति जब्त करने के सख्त प्रावधान किये गये हैं, यही वजह है कि सरकार अभी तक नौ लाख पदों पर पूरी पारदर्शिता के साथ भर्तियां कर चुकी है।

‘सरकार ने बिना किसी भेदभाव के नियुक्तियां दीं’
उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी भेदभाव के नियुक्तियां दी हैं क्योंकि किसी भी प्रतिभावान नौजवान के साथ जाति, क्षेत्र और संप्रदाय के आधार पर भेदभाव होना अपने आप में ‘महापाप’ है। आदित्यनाथ ने कहा, ”अगर हमने भेदभाव किया होता तो हम उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को इन नौ वर्षों में तीन गुना नहीं बढ़ा पाते और उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफल नहीं हो पाते।”

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