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देहरादून, 03 जुलाई । बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने सोशल मीडिया पर बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी से जुड़े वायरल आरोपों का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का निर्णय लिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार को जारी बयान में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित आरोपों को समिति ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को सोशल मीडिया पर उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं है, बल्कि मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है, जो पूर्व में भी समिति के तीन अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुका है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि दो जुलाई की शाम से वायरल हो रहे इस प्रकरण के संबंध में प्राप्त शिकायत के आधार पर बदरीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई। उन्होंने कहा कि उपलब्ध फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उससे संबंधित सभी जानकारियां समिति अध्यक्ष को उपलब्ध करा दी गई हैं।

उन्होंने बताया कि अध्यक्ष के निर्देश पर संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव अध्यक्ष को भेजा जा रहा है। जांच समिति उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज तथा संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं तो बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 एवं कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत आवश्यक विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

By editor

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