देहरादून, 29 जुलाई । उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने लोकसभा में पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने का स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के करोड़ों युवाओं के परिश्रम, प्रतिभा और अधिकारों की रक्षा की दिशा में केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
डॉ.निशंक ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह संशोधन परीक्षा व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय बनाने के साथ-साथ पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा माफिया जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि मेहनती युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। ऐसे में सख्त कानून युवाओं के विश्वास को मजबूत करेगा और उन्हें निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का वातावरण उपलब्ध कराएगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय देश के युवा वर्ग के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक दूरगामी कदम साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत परीक्षा प्रणाली से भारत की युवा शक्ति को नई ऊर्जा और विश्वास मिलेगा।
—-
