अमेरिका इजराइल ईरान आपस में लड़ रहे हैं असर मिडिल ईस्ट पर नहीं बल्कि बल्कि पूरी दुनिया पर हो रहा है। भारत भी प्रभावित है। भारत के प्रधानमंत्री बार-बार इसको रेखांकित कर रहे हैं। ऐसे में एक खबर जो आ रही है वो भारत के लिए भी कई मायनों में चुनौतीपूर्ण है और चिंताजनक भी। क्योंकि खबर यह है कि ईरान, इजराइल, अमेरिका के बीच में नेगोशिएशन के सेंटर पॉइंट में पाकिस्तान आ रहा है। खबरें कुछ रिपोर्ट्स हैं जो कुछ मीडिया आउटलेट्स ने रिपोर्ट्स किए हैं। उसके मुताबिक भारत जहां एक तरफ शांति और सुरक्षा के लिए तमाम लोगों से बातचीत की अपील कर रहा है। वहीं पाकिस्तान मिडिएशन कर रहा है। इस तरह की रिपोर्ट्स हैं। पाकिस्तान के जो फील्ड मार्शल हैं आसिम मुनीर उनको लेकर रिपोर्ट है कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति यानी कि प्रेसिडेंट ट्रंप से फोन पर बातचीत की है। जितना वेटेज ट्रंप ने हाल के दिनों में आसिम मुनीर और तमाम पाकिस्तान को हाल के दिनों में दिया है।

खबर है वो ये कि इस्लामाबाद में ये जो हफ्ता चल रहा है इस हफ्ते के दरमियान अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बैठकर बातचीत हो सकती है और इसकी जगह जो है संभावित रूप से पाकिस्तान का इस्लामाबाद हो सकता है। ये खबर है। हालांकि इसको लेकर ईरान हमेशा बार-बार कह रहा है कि हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है। हम किसी तरह की कोई बातचीत नहीं कर रहे हैं। फिलहाल किसी के पक्ष से कोई ना थर्ड पार्टी है ना कोई फर्स्ट पार्टी है। लेकिन पाकिस्तान जो है वो काफी इंटरेस्टेड दिख रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री या पाकिस्तानी सरकार से जुड़े लोग जो हैं वो ये कह रहे हैं कि भाई हां हम इंटरेस्टेड हैं और अगर कोई चाहता है कि वो बातचीत करें तो पाकिस्तान इसके लिए एक मंच के तौर पर उपलब्ध हो सकता है। पाकिस्तान के साथ-साथ तुर्की भी जो है इंटरेस्टेड दिख रहा है और वो भी मिडिएशन की कोशिश कर रहा है। हालांकि क़तर ने अपने आप को साइड कर लिया है। क़तर का कहना है कि बॉस ऐसा है कि हम इस बातचीत में नहीं हैं। हमारी कोई भूमिका नहीं है। वहीं जो कुछ रिपोर्ट सजेस्ट कर रही हैं वो यह कि यूएई और सऊदी उनका हौसला अब जवाब दे रहा है। यानी कि अब वो ईरान पर हमला कर सकते हैं। क्योंकि बार-बार सऊदी की तरफ से ये कहा गया है कि हमारे पेशेंस का एक लिमिट है और अब वो जवाब दे रहा है। तो ऐसे में यूएई हो गया या फिर सऊदी हो गया वो काउंटर अटैक शुरू कर सकता है। जब यह मीडिएशन की खबरें आ रही हैं। तो पाकिस्तान अपने आप को एक सेंटर पॉइंट के रूप में प्ले करने की कोशिश कर रहा है। अह कुछ इशारे भी बताते हैं कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने मसूद पेजिशियान से बात की। उसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने तुर्किए से बात की।

एएनआई ने बातचीत जब की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलना लेविड से संपर्क करके सवाल पूछा कि कुछ रिपोर्ट कहते हैं कि क्या अमेरिका के शीर्ष अधिकारी इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे? इस पर लेविट ने कहा कि यह संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं। अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। यह एक बदलती हुई स्थिति और मुलाकातों के बारे में लगाए जा रहे हैं। अंदाजों को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए जब तक वाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न हो जाए।

टाइम्स ऑफ इजराइल ने चैनल 12 के हवाले से कहा कि एक अनाम इजराइली अधिकारी के हवाले से ये कहा जा रहा है कि ईरान और अमेरिका इस हफ्ते में आखिर में इस्लामाबाद में बातचीत के लिए मिल सकते हैं। इजराइयली पब्लिकेशन ने बताया है कि वेंस के अलावा शांति मिशन के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरल्ड कुशनर अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गलीब तेहरान से आने वाले प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व करेंगे और लगातार यह जो कोशिश हो रही है उसके बीच यानी कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बातचीत में मौजूद हो सकते हैं।

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