प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (15 मई) संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं. इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक होगी. इस दौरे के दौरान एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के क्षेत्र में 2 महत्वपूर्ण (MoU) समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है.
भारत-UAE ऊर्जा संबंधों की मुख्य बातें
UAE हमारी ऊर्जा सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है. पिछले वर्ष UAE कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा सोर्स था, जिसने हमारी लगभग 11% आवश्यकता पूरी की. इसके अलावा UAE भारत के लिए LNG का तीसरा सबसे बड़ा सोर्स भी है. भारतीय कंपनियों और UAE की ADNOC गैस ने भारत को 4.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष LNG की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक आपूर्ति अनुबंध किए हैं. इस कारण भारत UAE की LNG का सबसे बड़ा खरीदार बन गया है.
इन सबके अलावा UAE भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्रोत है, जो हमारी लगभग 40% आवश्यकता पूरी करता है. UAE भारतीय रिफाइनरियों के लिए पेट्रोलियम, तेल और पीओएल निर्यात का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. भारतीय कंपनियों ने संयुक्त अरब अमीरात के अपस्ट्रीम सेक्टर में 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया है.
भारतीय कंपनियों का UAE में निवेश
2018 में भारतीय कंपनियों के एक समूह (OVL, BPRL, IOCL) ने UAE के लोअर ज़ाकुम ब्लॉक में 10% हिस्सेदारी हासिल की. 2019 में भारतीय संयुक्त उद्यम कंपनी ऊर्जा भारत प्राइवेट लिमिटेड (BPRL और IOCL का संयुक्त उद्यम) ने अबू धाबी ऑनशोर ब्लॉक-1 में हिस्सेदारी ली. जनवरी 2026 में, BPRL ने अबू धाबी के ऑनशोर ब्लॉक 1 में तेल भंडार की खोज की पुष्टि की. पश्चिम एशिया में भारतीय कंपनियों द्वारा अपस्ट्रीम सेक्टर में यह अपनी तरह का पहला निवेश है.
संयुक्त अरब अमीरात रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में भारत के साथ साझेदारी करने वाला पहला देश रहा है. 2018 में ISPRL और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत UAE मंगलौर स्थित ISPRL की सुविधा में 50 लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल का भंडार करेगा.
रिन्यूएबल एनर्जी में भी समझौता
भारत और UAE रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं. अक्टूबर 2024 में MASDAR और राजस्थान सरकार के बीच 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. दोनों पक्षों ने ग्रिड इंटरकनेक्शन के लिए स्टडी शुरू कर दी है. UAE सितंबर 2023 में भारत की G-20 की अध्यक्षता के दौरान शुरू किए गए ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस का एक एक्टिव फाउडिंग मेंबर भी है.
