मुज़फ्फरनगर। जनपद में टोल प्लाज़ा डिप्टी मैनेजर की हत्या के सनसनीख़ेज़ मामले का पर्दाफाश करते हुए छपार पुलिस ने शनिवार तड़के बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन हत्याभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दो गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध हथियार, मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त डंडा और अपहरण में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार बरामद की है। घटनास्थल पर एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने निरीक्षण कर मौके की जानकारी ली।

घटना का सिलसिला शुक्रवार की रात शुरू हुआ था, जब छपार टोल प्लाज़ा पर ड्यूटी के दौरान डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय और कुछ टोलकर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। इसी विवाद को लेकर देर रात करीब डेढ़ बजे आरोपी टोलकर्मी अरविंद पांडेय के कमरे पर जा पहुँचे और मारपीट करते हुए उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए। इस दौरान टोल मैनेजर मुकेश चौहान के साथ भी मारपीट की गई। अगली शाम मेरठ जनपद के थाना जानी क्षेत्र में एक लाश बरामद हुई, जिसकी पहचान अरविंद पांडेय के रूप में हुई। हत्या की सूचना मिलते ही छपार पुलिस ने मुकदमे में धारा बढ़ाते हुए विशेष टीमें गठित कीं और आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया।

शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या और अपहरण में शामिल बदमाश उसी अर्टिगा कार से एनएच-58 की ओर आने वाले हैं। पुलिस ने पानीपत-खटीमा बाईपास पुल के नीचे नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू की। थोड़ी देर बाद सफेद अर्टिगा दिखाई दी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो बदमाश गाड़ी को कच्चे रास्ते पर उतार ले गए। पीछा करने पर गाड़ी कीचड़ में फंस गई। तभी बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो आरोपी घायल हो गए और तीसरे को कॉम्बिंग के दौरान दबोच लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम उर्फ मनी पुत्र उपेंद्र निवासी मोहम्मदपुर राय सिंह, थाना भोराकलां, जनपद मुज़फ्फरनगर (घायल), शेखर पुत्र अशोक निवासी मौहल्ला सिरौही, थाना गुलावठी, जिला बुलंदशहर (घायल) और प्रदीप कुमार पुत्र मनवीर निवासी आदर्श नगर कॉलोनी, कस्बा गुलावठी, जिला बुलंदशहर के रूप में हुई है। इनके पास से दो तमंचे 315 बोर, तीन ज़िंदा और दो खोखा कारतूस, दो मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त डंडा और अर्टिगा कार नम्बर UP 14 LT 2234 बरामद की गई।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि ड्यूटी पर देरी से पहुंचने पर मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर ने उनसे अभद्रता की थी। इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने पहले दोनों अधिकारियों से मारपीट की और बाद में असिस्टेंट मैनेजर अरविंद पांडेय का अपहरण कर हत्या कर शव मेरठ में फेंक दिया।इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, राहुल कुमार, शुभम त्यागी, रजत कुमार, सत्यप्रकाश यादव, राहुल कुमार वर्मा तथा सिपाही कैलाश कुमार और सोहनवीर शामिल रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और सीओ सदर डॉ. रवि शंकर के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई की पूरे पुलिस महकमे में सराहना की जा रही है।

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