मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के तत्वावधान में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने आज डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संघ के मंडल अध्यक्ष ब्रज सिंह राठी और पूर्व महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष वंदना बालियान के नेतृत्व में शिक्षकों का बड़ा समूह कलेक्ट्रेट में एकत्रित हुआ। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर अपनी असहमति जताई और कहा कि शिक्षकों पर अधिकतम दो वर्ष के भीतर टीईटी परीक्षा देने की अनिवार्यता सेवा में बने रहने के लिए बोझ बन गई है।प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने ज्ञापन में बताया कि भर्ती के मानक पूरा करने वाले शिक्षकों को वरीयता के आधार पर सेवा में लिया गया है, जबकि कुछ भर्ती में नियुक्त शिक्षक टीईटी परीक्षा देने के लिए आवश्यक योग्यता नहीं रखते हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के कारण कई शिक्षक मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

शिक्षकों ने मांग की कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों को पक्ष रखने का समय दिया जाए ताकि उनकी समस्याओं को सुना जा सके। ज्ञापन देने वालों में शिव कुमार जावला, धीर सिंह, अली नवाज, संजीव शर्मा, सुधीर कुमार, अंजू शर्मा, प्रदीप कुमार, रश्मि, वीना और विकास सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल थीं।संघ नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षकों के हितों की अनदेखी करना न केवल शिक्षा व्यवस्था पर असर डालता है, बल्कि छात्रों के भविष्य को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सरकार और न्यायालय से न्यायपूर्ण समाधान की अपील की।
