राजस्थान में चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर जैसलमेर में सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी ने SIR के दौरान फर्जी शिकायतें दर्ज करवाने का आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध जताया है। इस मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद ने एक वीडियो जारी कर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में संभावित हार से घबराई भाजपा सुनियोजित तरीके से फर्जी शिकायतें करवा रही है, ताकि चुनिंदा वर्गों के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाए जा सकें।

भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप
पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि SIR की आड़ में माइनॉरिटी, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के मतदाताओं के वोट काटने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में निराधार और मनगढ़ंत आपत्तियां दाखिल की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करना है।

उन्होंने कहा, “भाजपा यह अच्छी तरह जानती है कि इन वर्गों का जनाधार कांग्रेस के साथ है। इसी डर और बौखलाहट में वोटर लिस्ट को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।”

निष्पक्ष जांच की मांग
सालेह मोहम्मद ने जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाध्यक्ष निर्वाचन अधिकारी से अपील की कि SIR के तहत आई सभी शिकायतों की गहन और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम बिना ठोस प्रमाण के सूची से हटाया जाना अन्यायपूर्ण है। प्रशासन को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

कांग्रेस सौंपेगी ज्ञापन
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। पार्टी ने ऐलान किया है कि आज कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के जरिए SIR में फर्जी शिकायतों पर रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और कमजोर वर्गों के मताधिकार की सुरक्षा की मांग की जाएगी।

लोकतंत्र की रक्षा का सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ है और इसमें किसी भी तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे।

SIR को लेकर उठे इन आरोपों के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर निर्वाचन विभाग की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है कि वह इन शिकायतों को किस तरह से निपटाता है।

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