नीरज प्रजापति
खतौली में सहायता समिति के नाम पर 1.80 लाख रुपये हड़पने का आरोप, एसएसपी से शिकायत के बाद नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
खतौली। मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने और भविष्य में आर्थिक सहारा जुटाने की उम्मीद में जमा कराई गई रकम वापस पाने के लिए एक व्यक्ति को आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ा। खतौली क्षेत्र के गांव छछरपुर में सहायता समिति के नाम पर रुपये जमा कराने और समय पूरा होने के बाद कथित तौर पर रकम वापस नहीं करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने समिति से जुड़े लोगों पर अपने और बेटे के नाम से जमा कराए गए कुल 1.80 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हर महीने 500 रुपये जमा करने पर 50 हजार देने का दावा
मामला गांव छछरपुर निवासी मोनू कुमार से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर ‘आपकी अपनी सहायता समिति’ के माध्यम से बचत की योजना बताई थी। दावा किया गया था कि पांच साल तक प्रतिमाह 500 रुपये जमा करने पर 30 हजार रुपये के बदले 50 हजार रुपये मिलेंगे। इसके अलावा एकमुश्त धनराशि जमा करने पर सवा पांच साल में रकम दोगुनी होने का आश्वासन भी दिया गया था।
इन वादों पर भरोसा करके मोनू कुमार ने अपने साथ-साथ अपने बेटे वंश के नाम से भी रकम जमा करानी शुरू कर दी। जमा धनराशि का हिसाब रखने के लिए समिति की ओर से डायरियां और किताबें दी गई थीं। पीड़ित का कहना है कि उनमें जमा रकम का विवरण दर्ज किया जाता था और संबंधित लोग हस्ताक्षर भी करते थे।
अलग-अलग योजनाओं में जमा कराई रकम
शिकायत में बताया गया कि मोनू कुमार ने अपने नाम से नियमित किस्तें जमा करने के अलावा 3 जुलाई 2019 को एकमुश्त 15 हजार रुपये भी दिए थे। उनके बेटे के नाम से दो अलग-अलग डायरियों के माध्यम से भी रकम जमा कराई गई। एक खाते में अक्टूबर 2015 से सितंबर 2020 तक और दूसरे में सितंबर 2016 से अगस्त 2021 तक किस्तें जमा करने का विवरण दिया गया है।
पीड़ित के अनुसार, विभिन्न योजनाओं की अवधि पूरी होने के बाद जब उन्होंने अपनी जमा पूंजी वापस मांगी, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। आरोप है कि बार-बार मांगने के बावजूद रकम नहीं लौटाई गई।
रुपये मांगने पर इनकार का आरोप
मोनू कुमार का आरोप है कि 10 जून 2026 को दोबारा रकम मांगे जाने पर संबंधित लोगों ने रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए उन्हें अधिकारियों तक पहुंचना पड़ा।
नौ लोगों पर मुकदमा, पुलिस जांच में जुटी
शिकायत में सोलनपाल, अनिल, सत्यवीर, कृपाल, गुरदीप बादल, शानू, सविता, सुरेश, रतन और मेरठ निवासी मुसद्दीलाल के नाम शामिल बताए गए हैं। हालांकि, मुकदमे में नामजद सभी व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब समिति की कार्यप्रणाली, जमा धनराशि और पीड़ित की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
