कानपुर, 30 अप्रैल । सीएम ग्रिड के अंतर्गत चल रहे सभी कार्य मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा में पूरे किए जाएं, किसी भी स्तर पर शिथिलता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फुटपाथ, सीवर और वाटर लाइन कनेक्शन का कार्य प्राथमिकता से पूरा कर जनता को राहत दी जाए। यह बातें गुरुवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कही।
नगर निगम के नगर आयुक्त ने आज जोन-2 के अंतर्गत सीएम ग्रिड के फेज-1 और फेज-2 में चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय जायजा लिया। इस दौरान मुख्य अभियंता, जोनल अभियंता-2, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि, जोनल स्वच्छता अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सबसे पहले वीआईपी रोड से लाल बंगला तथा जेके-1 से जलसा गेस्ट हाउस तक फेज-2 में बन रही सड़क का जायजा लिया गया। यह सड़क लगभग 2.6 किलोमीटर लम्बी है, जिस पर करीब 39 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से व्हाइट टॉपिंग का कार्य किया जा रहा है। सड़क के साथ विद्युत हाईटेंशन तारों को भूमिगत करने, सीवर, वाटर लाइन और ऑप्टिकल फाइबर डालने की व्यवस्था की जा रही है। यह मार्ग लेदर मार्केट से होकर गुजरता है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों और यातायात को राहत मिलने की उम्मीद है। बीच में डिवाइडर पर वृक्षारोपण की योजना भी शामिल है।
मौके पर पाया गया कि कुल कार्य के सापेक्ष लगभग तीन किलोमीटर तक वाटर लाइन, सीवर और ड्रेनेज का काम पूरा हो चुका है, लेकिन फुटपाथ का कार्य शुरू नहीं हुआ था। इस पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि फुटपाथ निर्माण तत्काल शुरू कर एक माह के भीतर सभी यूटिलिटी कार्य पूरे किए जाएं। साथ ही दिन-रात काम कर गति बढ़ाने और खुदाई के बाद मलबा तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद एनएच-19 से राजाराम चौराहा होते हुए हमीरपुर रोड तक फेज-1 के कार्यों का जायजा लिया गया। करीब 4.6 किलोमीटर लम्बी इस सड़क का निर्माण लगभग 38 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह सड़क बनने के बाद नौबस्ता चौराहे पर यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
मौके पर सीवर और वाटर लाइन कनेक्शन अधूरे मिलने पर नगर आयुक्त ने जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सात दिन के भीतर सभी घरों में कनेक्शन सुनिश्चित कर प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाए। साथ ही फुटपाथ निर्माण तेजी से पूरा कराने और वर्षा ऋतु से पहले नाला निर्माण समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जलभराव की समस्या न हो।
अंत में नगर आयुक्त ने सभी कार्यों की निरंतर निगरानी करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
