नीरज प्रजापति
ऑपरेशन सवेरा के तहत 1.44 लाख ट्रामाडोल कैप्सूल और 1.20 लाख एल्प्राजोलम गोलियां बरामद, 15 लाख की खेप के साथ बलेनो कार और नकदी भी कब्जे में
मुजफ्फरनगर। जनपद में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीली दवाइयों की भारी खेप बरामद की है। पुलिस ने एक वांछित तस्कर को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से कुल 2 लाख 64 हजार नशीली दवाइयां, 3,900 रुपये नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बलेनो कार बरामद की है। बरामद नशीली दवाइयों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त को थाना सिविल लाइन पुलिस ने माल रोड पर चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर दीपक, कलीम और जुनैद नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 72 हजार नशीले कैप्सूल और 549 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए थे। इस मामले में थाना सिविल लाइन पर मुकदमा संख्या 224/26, धारा 8/21/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनके पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कर दी थीं।
इसी जांच के दौरान पुलिस को गिरोह से जुड़े एक अन्य वांछित आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। 28 अगस्त को मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि मुकदमे में वांछित आरोपी राणा चौक के पास फैक्ट्रियों की ओर जाने वाले रास्ते पर मौजूद है। सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जुफैन उर्फ नबाब पुत्र यूनूस, निवासी मोहल्ला मदरसा चौधरियान, मीरारेती, थाना गढ़मुक्तेश्वर, जनपद हापुड़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से स्पास्मोविल कंपनी के ट्रामाडोल के छह कार्टून बरामद किए, जिनमें 1 लाख 44 हजार कैप्सूल थे। इसके अलावा एल्प्राजोलम की दो कार्टून पेटियां बरामद हुईं, जिनमें 1 लाख 20 हजार गोलियां थीं। पुलिस ने 3,900 रुपये नकद और तस्करी में प्रयुक्त बलेनो कार संख्या यूपी-14 सीवी-2325 भी कब्जे में ली।
थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह दवाइयों की सप्लाई का काम करता था और अमरोहा निवासी एक दवा विक्रेता से अनाधिकृत नशीली दवाइयां खरीदकर अपने साथियों को उपलब्ध कराता था। पुलिस का कहना है कि गिरोह मांग के अनुसार इन दवाइयों को ऊंचे दामों पर सप्लाई कर अवैध आर्थिक लाभ कमाता था।
पुलिस अब बरामद खेप के स्रोत से लेकर अंतिम खरीदार तक पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि दवाइयों की सप्लाई कहां से होती थी, किन लोगों तक पहुंचती थी और गिरोह में कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच में जिन अन्य लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई में एसपी सिटी अमृत जैन, एएसपी/सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा और थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम शामिल रही।
