मुज़फ्फरनगर। ‘डरना नहीं, डटकर सामना करना है’ इसी संदेश के साथ सोमवार को मिशन शक्ति 5.0 और साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत लाला जगदीश प्रसाद इंटर कॉलेज, जानसठ रोड मुजफ्फरनगर में एक प्रेरणादायक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जनपद की मिशन शक्ति 5.0 की नोडल अधिकारी व पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ ने किया।इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू कुमार साव, थाना नई मंडी पुलिस टीम, साइबर थाना टीम और मिशन शक्ति टीम मौजूद रही। विद्यालय प्रबंधक देवेंद्र कुमार शर्मा और प्रधानाचार्य डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा ने एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ का स्वागत पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में इंदु सिद्धार्थ ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की नारी किसी से कम नहीं है वह सुरक्षा की प्रतीक भी है और सशक्तिकरण की मिसाल भी। उन्होंने कहा कि ‘हर बालिका को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए और किसी भी समस्या का सामना आत्मविश्वास के साथ करना चाहिए।’उन्होंने छात्राओं को बताया कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए सरकार ने कई सुरक्षा और सहयोग सेवाएं शुरू की हैं,जिनमें 112, 181, 1090, 1098, 1076, 108 और 102 जैसे हेल्पलाइन नंबर शामिल हैं। साथ ही निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला शक्ति केंद्र योजना और वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी।साइबर थाना टीम ने छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, फिशिंग, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग ठगी और एपीके फाइल जैसे साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया। टीम ने यह भी बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई वास्तविक प्रक्रिया नहीं होती, और यदि कोई इस तरह की धमकी देता है तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

इंदु सिद्धार्थ ने छात्राओं से कहा कि ‘मिशन शक्ति केवल अभियान नहीं, यह एक विचार है जिसका लक्ष्य है महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वाभिमान जगाना।’ उन्होंने कहा कि हर लड़की अपने अधिकारों को जाने, आवाज उठाए और समाज में बदलाव की पहल करे।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सवाल भी पूछे, जिनका पुलिस टीम ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम में प्र0नि0 साइबर क्राइम थाना सुल्तान सिंह, प्र0नि0 थाना नई मंडी बृजेश कुमार शर्मा, उ0नि0 गौरव कुमार, समाजसेवी शलभ गुप्ता, विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
