नीरज प्रजापति
भौराकलां में 81 वर्षीय सेवानिवृत्त फौजी पुजारी स्वामी देवानंद भारती की गोली मारकर हत्या पर आक्रोश, शिव सेना ने पुलिस-प्रशासन से की हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग।
मुजफ्फरनगर। भौराकलां गांव में शिव मंदिर के पुजारी की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर परिसर में हुई इस सनसनीखेज वारदात से शिव सेना में भारी रोष व्याप्त है। संगठन के जिला प्रमुख बिट्टू सिखेड़ा ने घटना पर कड़ा आक्रोश जताते हुए पुलिस-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया तो शिव सेना आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
शिव सेना जिला प्रमुख बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि भौराकलां में मंदिर के पुजारी की हत्या ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उनका आरोप है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करते हुए हमलावरों ने मंदिर परिसर में वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर रहने वाले बुजुर्ग पुजारी की हत्या जैसी घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी में देरी होने पर शिव सेना चुप नहीं बैठेगी। संगठन इस मामले में आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा। बिट्टू सिखेड़ा ने चेतावनी दी कि प्रस्तावित आंदोलन के दौरान यदि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्याकांड का जल्द खुलासा किया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि भौराकलां स्थित शिव मंदिर में मंगलवार को 81 वर्षीय पुजारी स्वामी देवानंद भारती की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्वामी देवानंद भारती सेवानिवृत्त फौजी थे और मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करते थे। बताया गया कि हमलावरों ने पहले उन्हें आवाज देकर बाहर बुलाया और फिर गोली मार दी। वारदात के बाद बाइक सवार हमलावर मौके से फरार हो गए। मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में स्तब्धता और आक्रोश फैल गया।
इस हत्याकांड में पुलिस के सामने खड़ी हुई दो अहम चुनौतियां
पहली, फरार हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी करना और दूसरी, हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना। वहीं शिव सेना ने साफ कर दिया है कि वह मामले में त्वरित कार्रवाई चाहती है।
