(अपडेट) भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का महापर्व है महाकुम्भ : सीआर पाटिल

– अविरल-निर्मल गंगा के संकल्प के साथ केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी

महाकुम्भनगर, 21 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने शुक्रवार को महाकुम्भ में श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगाई। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान कर उन्होंने गंगा संरक्षण और स्वच्छता अभियान को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। स्नान के बाद जल शक्ति मंत्री ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक हैं। उन्होंने महाकुम्भ में योगी सरकार की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए कहा कि साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर योगी सरकार ने बेहतरीन कार्य किया है।

हर किसी ने गंगा की निर्मल धारा और उसकी पवित्रता को महसूस कियाः केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने ‘नमामि गंगे’ मिशन की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अबतक 59 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुम्भ में आस्था और श्रद्धा की डुबकी लगा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी भक्त भी शामिल हैं। हर किसी ने गंगा की निर्मल धारा और उसकी पवित्रता को महसूस किया और उसकी स्वच्छता की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत सैकड़ों घाटों का सौंदर्यीकरण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की स्थापना और औद्योगिक कचरे के शोधन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए स्थानीय समुदायों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी सक्रिय रूप से शामिल कर रही है।

गंगा को स्वच्छ रखने के लिए की अपीलः महाकुम्भ में श्रद्धालुओं से अपील करते हुए केंद्रीय मंत्री ने गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गंगा जल को प्रदूषित होने से बचाने के लिए हमें मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कुंभ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्लास्टिक और अन्य कचरे को नदी में न डालें और सरकार के स्वच्छता अभियानों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गंगा की पवित्रता बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है, और इसके लिए हमें अपने आचरण में बदलाव लाना होगा।

महाकुम्भ में स्नान को बताया विशेष आध्यात्मिक अनुभवः केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने महाकुम्भ में स्नान को अपने लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का महापर्व है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों को बचाने और नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अंत में कहा कि गंगा मां की सेवा करना हमारा परम कर्तव्य है, और सरकार इस पवित्र नदी को स्वच्छ एवं अविरल बनाए रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ भी उपस्थित रहे।

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