नीरज प्रजापति
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों के शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को किया याद, देशभर में एक वर्ष के दौरान 154 पुलिसकर्मियों ने गंवाई जान, उत्तर प्रदेश के छह जवान भी शामिल।
मुजफ्फरनगर। वर्दी केवल पहचान नहीं, बल्कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। इसी कर्तव्यपथ पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों की स्मृति में मुजफ्फरनगर पुलिस ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों के बलिदान को नमन किया। इस दौरान माहौल गंभीर और भावुक रहा तथा शहीद जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को याद किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश का संदेश पढ़कर सुनाया और कर्तव्यपालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों की वीरगाथा से उपस्थित लोगों को अवगत कराया। इस अवसर पर शहीद जवानों के संघर्ष, साहस और देश की सुरक्षा के लिए उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया गया।
एक वर्ष में 154 पुलिसकर्मियों का सर्वोच्च बलिदान

पुलिस स्मृति दिवस पर प्रस्तुत आंकड़े कर्तव्य की राह में पुलिसकर्मियों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाते हैं। एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देशभर में कर्तव्य निभाते हुए 154 पुलिसकर्मी शहीद हुए। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के छह जवान भी शामिल हैं। इन वीर जवानों ने नागरिकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत इस बात की याद दिलाती है कि शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी अनेक कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते।
अधिकारियों ने शहीदों के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एसपी सिटी अमृत जैन, एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ और एसपी ट्रैफिक अतुल कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने शहीद जवानों के बलिदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति केवल एक औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देती है। नागरिकों की सुरक्षा, पीड़ितों को न्याय दिलाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने जैसे दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया गया।
पुलिस स्मृति दिवस ने एक बार फिर याद दिलाया कि वर्दी की गरिमा उसके अधिकारों से नहीं, बल्कि जनसेवा और कर्तव्य के प्रति समर्पण से स्थापित होती है। देश की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर पुलिसकर्मियों का बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा। शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और जनहित के प्रति समर्पित बनाया जाए।
