नीरज प्रजापति
जॉली रोड स्थित पेपर मिल में कथित वायु प्रदूषण का मुद्दा उठा, अमन बंसल ने ज्ञापन सौंपकर पर्यावरणीय नियमों के पालन और दोषी मिलने पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
मुजफ्फरनगर। जनपद में वायु प्रदूषण को लेकर एक बार फिर औद्योगिक गतिविधियां सवालों के घेरे में आ गई हैं। जॉली रोड स्थित दिशा पेपर मिल में कथित तौर पर कचरा जलाए जाने से वायु प्रदूषण फैलने का मामला उठाते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष अमन बंसल ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। अमन बंसल ने इस मामले को आमजन के स्वास्थ्य और स्वच्छ हवा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए अधिकारियों का ध्यान संभावित वायु प्रदूषण की ओर आकर्षित किया। उनका कहना है कि औद्योगिक इकाइयों के संचालन के दौरान पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। यदि किसी इकाई में कचरा जलाया जा रहा है और इससे आसपास के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, तो इसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपे गए ज्ञापन में दिशा पेपर मिल में कचरा जलाए जाने के आरोपों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की गई है। अमन बंसल ने कहा कि संबंधित विभाग को मौके की स्थिति का निरीक्षण कर यह पता लगाना चाहिए कि कचरा जलाने की गतिविधि हो रही है या नहीं और उससे वायु गुणवत्ता पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है या नहीं। उन्होंने मांग की कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदूषण की आशंका और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाए। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
अमन बंसल ने कहा कि स्वच्छ वातावरण में सांस लेना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। किसी भी क्षेत्र में प्रदूषण की शिकायत सामने आने पर संबंधित विभाग को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य पर संभावित दुष्प्रभावों को रोका जा सके। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मामले की निष्पक्षता के साथ जांच कराने, आवश्यक तथ्यों को सामने लाने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। अब इस मामले में विभाग की ओर से की जाने वाली जांच और उसके निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। इस दौरान दीपक सैनी, अनुज पाल, आशु प्रजापति, शुभम पाल, प्रियांशु पाल, सागर, अमित गौतम, धर्मेंद्र कुमार, मेहराब खान और सरताज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
