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नई दिल्ली, 03 अगस्त । भारी मशीनरी के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी एडवांस टेक्नोफोर्ज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने कमजोर शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 95 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 1.05 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 94 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन गया, जिसकी वजह से थोड़ी देर में ही ये शेयर गिरकर 89.30 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 5.70 रुपये यानी छह प्रतिशत का नुकसान हो गया।

एडवांस टेक्नोफोर्ज का 24.03 करोड़ रुपये का आईपीओ 27 से 29 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 0.43 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 25,30,800 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी खरीदने और उनका इंस्टॉलेशन कराने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एडवांस टेक्नोफोर्ज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत नजर आती है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.70 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 4.06 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मामूली उतार चढ़ाव भी हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 48.24 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 51.16 करोड़ और वित्त वर्ष 2025-26 में फिसल कर 50.73 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी मामूली उतार चढ़ाव हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 11.19 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 17.51 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ थोड़ा कम होकर 17.29 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.44 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 3.13 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 7.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी के नेटवर्थ की बात करें तो इस दौरान इस मोर्चे पर कंपनी ने लगातार बढ़त बनाए रखी। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 9.56 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 13.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 5.52 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 8.35 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

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