उन्होंने दूर से ही मंदिर के दर्शन किये।
मंदिर प्रबंधन एवं प्रधान पुजारी हेम जोशी ने बताया कि देवगुरु बृहस्पति के मंदिर में गर्भगृह एवं आंतरिक क्षेत्र में महिलाओं का प्रवेश परंपरागत रूप से वर्जित है। उमा भारती को भी इसकी जानकारी दी गई, जिसका उन्होंने सम्मान करते हुए दूर से ही दर्शन किए और परंपराओं के संरक्षण का समर्थन किया। उन्होंने धाम के विकास तथा पर्यटन से जुड़ी योजनाओं में सहयोग का आश्वासन भी दिया। आयोजन के दौरान धार्मिक परंपराओं के अनुरूप सभी अनुष्ठान संपन्न कराए गए। कार्यक्रम में उत्तम नयाल, कुंदन नयाल, किशन पडियार, प्रेमानंद महाराज, कमल जोशी, जितेंद्र बोहरा, मदन नौलिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
