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बहराइच, 21 मई । बहराइच से एक बेहद अनोखी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। जहाँ अमूमन बच्चे गर्मियों की छुट्टियों में खेल-कूद में व्यस्त रहते हैं, वहीं बहराइच के बच्चों ने इस बार कुछ ऐसा किया है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। जिले में पहली बार लगे एक अनोखे रोबोटिक्स कैंप में बच्चों ने खुद अपने हाथों से इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और रोबोटिक्स के गुर सीखे हैं।

डिजिटल इंडिया के दौर में अब बहराइच के नौनिहाल भी तकनीक की दुनिया में लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार हैं। अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच की ‘पलाश शाखा’ और ‘हैप्पी हार्ट्स पब्लिक स्कूल’ के साझा प्रयास से जिले में पहली बार पांच दिवसीय रोबोटिक्स कैंप और विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। एसपी बंगले के पास स्थित स्कूल परिसर में जब यह कैंप शुरू हुआ, तो बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था।

इस पांच दिवसीय कैंप में कुल 47 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया। खेल-खेल में विज्ञान का ककहरा सीखने के लिए हर बच्चे को एक स्पेशल इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट किट दी गई। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर और पिछले 3 सालों से रोबोटिक्स कोच के रूप में काम कर रही, पलाश शाखा की सचिव मोनिका माहेश्वरी ने बच्चों को कोडिंग और सर्किट्स की पेचीदगियां बेहद आसान भाषा में सिखाईं।

जो किताबें अब तक सिर्फ थ्योरी तक सीमित थीं, इस कैंप में बच्चों ने उन्हें हकीकत में बदलते देखा। ब्रेडबोर्ड, सेंसर, रेजिस्टर और ट्रांजिस्टर जैसे जटिल उपकरणों को बच्चों ने न सिर्फ समझा, बल्कि खुद अपने हाथों से अलग-अलग कनेक्शन और सर्किट तैयार किए।

इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में हैप्पी हार्ट्स पब्लिक स्कूल के निदेशक कृष्णा मिश्रा, मारवाड़ी युवा मंच पलाश शाखा की अध्यक्ष गुंजा अग्रवाल और कोषाध्यक्ष प्रेरणा माहेश्वरी ने अहम भूमिका निभाई। बहराइच में हुआ यह नवाचार यकीनन आने वाले समय में बच्चों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को एक नई उड़ान देगा।

वाकई, बहराइच के इन छोटे वैज्ञानिकों की यह शुरुआत कल के बड़े आविष्कार की नींव बन सकती है। मारवाड़ी युवा मंच और स्कूल प्रबंधन का यह प्रयास सच में सराहनीय है।

By editor

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