केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केरल में कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों द्वारा विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के बारे में फैलाई जा रही झूठ को सरकार बेनकाब करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में ईसाई मिशनरियों से बातचीत की गई है ताकि उनकी चिंताओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जा सके। एएनआई से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि हमने केरल में ईसाई मिशनरियों से बातचीत की है और उनकी चिंताओं को सुना है। हमें सवाल-जवाब और संवाद के माध्यम से मिलकर काम करने की जरूरत है।
मंत्री ने दावा किया कि हमने सभी चिंताओं को सुना है और केरल में कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ को स्पष्ट कर दिया है कि सरकार का इरादा किसी भी धर्म या जाति के खिलाफ काम करने का नहीं है। अगर कम्युनिस्ट और कांग्रेस झूठ फैलाना जारी रखते हैं, तो हम उन्हें बेनकाब करेंगे। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार के तहत अल्पसंख्यकों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि प्रस्तावित बदलावों से केवल अवैध एफसीआरए खाते ही प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि मैं अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री हूं। प्रधानमंत्री मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले देश में अल्पसंख्यकों की उपेक्षा की जाती थी। कांग्रेस अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय को, अपना वोट बैंक मानती थी।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के तहत अल्पसंख्यक समुदायों को भी उचित महत्व दिया जा रहा है। मैं मुस्लिम समुदाय से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस उनके समुदाय को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रही है, जो मुसलमानों के लिए हानिकारक है। वे किसी एक पार्टी के वोट बैंक क्यों बनें? हम सबके लिए हैं। केवल अवैध एफसीआरए खाते ही प्रभावित होंगे।
इस विधेयक में किसी संगठन के एफसीआरए प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने, नवीनीकरण न होने या सरकार द्वारा नवीनीकरण से इनकार किए जाने पर उसे रद्द करने का प्रावधान है। संशोधनों में विदेशी अंशदान और परिसंपत्तियों के निहित होने, पर्यवेक्षण, प्रबंधन और निपटान के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करने हेतु एक नामित प्राधिकरण की स्थापना भी की गई है, जिसमें अस्थायी और स्थायी निहित होना शामिल है।
