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नैनीताल, 21 मार्च । डीएसबी परिसर नैनीताल की एनएसएस यानी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के ग्राम अधौड़ा में आयोजित विशेष शिविर के तहत शनिवार को पूर्व कार्यक्रम समन्वयक तथा वनस्पति विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने स्वयं सेवकों से संवाद किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने, सकारात्मक सोच अपनाने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कोई कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, समर्पण ही उसे महत्वपूर्ण बनाता है। विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर प्रो. तिवारी ने वनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वन जीवन के आधार हैं, जो ऑक्सीजन, भोजन, ऊर्जा के साथ मृदा संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा जल स्रोतों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वर्ष 2026 की थीम “वन और अर्थव्यवस्थाएं” के माध्यम से वनों की सतत विकास, हरित अर्थव्यवस्था तथा कार्बन संतुलन में भूमिका को रेखांकित किया गया है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2030 तक वैश्विक स्तर पर वन क्षेत्र में वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शिविर के दौरान स्वयं सेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाते हुए लगभग 50 कट्टे कूड़ा एकत्र कर उसका निष्पादन किया तथा पद्म व बांज के पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उपनिदेशक युवा विभाग डोलवी तिवेतीया ने भी विद्यार्थियों से संवाद कर महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि पांडे, डॉ. मनोज बाफिला, डॉ. संदीप मंडोली, डॉ. हिमानी जलाल सहित अन्य शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

वनस्पति विभाग में पीएचडी मौखिक परीक्षा सम्पन्न

नैनीताल। डीएसबी परिसर के वनस्पति विज्ञान विभाग में कल्पना रौतेला की पीएचडी की अंतिम मौखिक परीक्षा सम्पन्न हुई। उन्होंने ‘क्रिपीडियम एक्युमिनेटम’ पर आकृति विज्ञान, जैव रसायन तथा प्रवर्धन से संबंधित शोध कार्य प्रस्तुत किया।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रो. अरविंद भट्ट ने विशेषज्ञ के रूप में परीक्षा सम्पन्न कराई। विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी की उपस्थिति में आयोजित परीक्षा में कल्पना ने डॉ. प्रेम प्रकाश तथा डॉ. जुगरान के निर्देशन में अपना शोध कार्य पूर्ण किया।

इस अवसर पर डॉ. एसएस बरगली, डॉ. सुषमा टम्टा, डॉ. नीलू, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. कपिल, डॉ. प्रभा पंत, डॉ. नवीन पांडे, डॉ. हिमानी कार्की सहित अन्य शोधार्थी उपस्थित रहे।

By editor

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