नई दिल्ली, 23 मई । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की भाजपा विधायक करनैल सिंह के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि याचिका पर संज्ञान लेने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने 29 मई को फैसला सुनाने का आदेश दिया।
सत्येंद्र जैन ने अपनी याचिका में कहा है कि करनैल सिंह ने 19 जनवरी 2025 को एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उनके खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था। करनैल 2025 के विधानसभा चुनाव में शकूरबस्ती विधानसभा से भाजपा के उम्मीदवार थे। सत्येंद्र जैन की याचिका में कहा गया है कि अपने इंटरव्यू में करनैल सिंह ने कहा था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जैन के आवास से 37 किलोग्राम सोना बरामद किया था। करनैल सिंह ने कहा था कि सत्येंद्र जैन के नाम पर 1100 एकड़ जमीन है। सत्येंद्र जैन ने भ्रष्टाचार के जरिये काफी पैसा बनाया।
सत्येंद्र जैन की याचिका में कहा गया है कि करनैल के बयान मनगढ़ंत और झूठे थे। ऐसा बयान देकर करनैल ने सत्येंद्र जैन की गरिमा गिराने और लोगों की नजर में बदनाम करने की कोशिश की थी।
इसके पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की आपराधिक मानहानि याचिका पर संज्ञान लिया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट के इस आदेश को करनैल सिंह ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी थी। सेशंस कोर्ट ने 30 अप्रैल को मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए कहा था कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अपवादों पर गौर किए बिना ही संज्ञान ले लिया था। सेशंस कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट से कहा था कि वो नये सिरे से अपवादों पर गौर करते हुए विचार कर फैसला करें।
