नई दिल्ली, 25 अप्रैल । दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने के मामले में दोनों आरोपितों के खिलाफ दो गवाहों के बयान दर्ज हुए। एडिशनल सेशंस जज निशांत गर्ग ने मामले की अगली सुनवाई 22 मई को करने का आदेश दिया।
शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से तीन गवाह रघुनंदन सिंह, नरेश जैन और जांच अधिकारी एसएचओ हनुमंत सिंह उपस्थित थे। गवाह रघुनंदन सिंह और नरेश जैन ने अपने-अपने बयान दर्ज कराए। आरोपितों की ओर से पेश वकील ने दोनों का क्रास-एग्जामिनेशन किया। आरोपितों की ओर से पेश वकील ने जांच अधिकारी एसएचओ हनुमंत सिंह का बयान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने दर्ज करने की मांग की। तब कोर्ट ने आज हनुमंत सिंह का बयान दर्ज नहीं कराया।
कोर्ट ने 26 दिसंबर 2025 को आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने आरोपित तहसीन सैयद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 132, 109(1) और आरोपित राजेश खिमजी के खिलाफ 109(1), 115(2), 221 और 132 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि इस मामले में शिकातयतकर्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री और महिला हैं। उनका बयान दो बजे दर्ज करने के लिए बुलाया जाए और कोर्ट में ज्यादा भीड़भाड़ नहीं हो, इसलिए इन कैमरा कार्यवाही हो। आरोपितों की ओर से पेश वकील ने भी दिल्ली पुलिस की इन-कैमरा कार्यवाही की मांग का विरोध नहीं किया। उसके बाद कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता और मुख्यमंत्री को आगे जब भी साक्ष्य देने के लिए बुलाया जाए तो इन-कैमरा कार्यवाही हो।
दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कहा गया है कि रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले आरोपित राजेश खिमजी ने एक सपने के बाद ऐसा किया था। चार्जशीट में कहा गया है कि राजेश खिमजी ने सपने में देखा कि एक शिवलिंग के बगल में बैठे कुत्ते ने उससे कहा कि दिल्ली में कुत्ते कष्ट में हैं। चार्जशीट में कहा गया है कि राजेश खिमजी ने फेसबुक पर वीडियो देखे जिसमें कुत्तों की समस्याओं के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जिम्मेदार ठहराते हुए लोग प्रदर्शन कर रहे थे। चार्जशीट में इस बात का खुलासा हुआ है कि राजेश खिमजी ने मई में अयोध्या में बंदरों के सवाल पर भूख हड़ताल की थी।
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 18 अक्टूबर को चार सौ पेजों की चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपितों राजेश खिमजी और तहसीन सैयद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या की कोशिश, लोकसेवक के काम में बाधा डालने और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया है।
दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक राजेश खिमजी आवारा कुत्तों को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के रुख से नाराज था। उच्चतम न्यायालय ने 11 अगस्त को अपने फैसले में कहा था कि आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए। इस फैसले का रेखा गुप्ता ने समर्थन किया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इससे नाराज राजेश खिमजी ने रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त को उस समय हमला किया जब वो जन सुनवाई कर रही थीं।
