नई दिल्ली, 06 अगस्त । पेपर लीक मामले की सुनवाई करने वाले दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। स्पेशल जज अजय गुप्ता ने संज्ञान लेने पर कल यानि 7 अगस्त को फैसला सुनाने का आदेश दिया।
कोर्ट ने इस मामले के आरोपित मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के खुद के पॉलीग्राफ और लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए दाखिल अर्जी पर भी फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर 18 अगस्त को सुनवाई करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की ओर से पेश वकील एपी सिंह ने कहा कि चार्जशीट करीब दो हजार पन्नों की है, इसलिए इसे पढ़ने में समय लगेगा। उसके बाद कोर्ट ने 18 अगस्त को दोनों की जमानत याचिका पर सुनवाई करने का आदेश दिया।
सीबीआई ने जिन लोगों को आरोपित बनाया है उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार हैं। ये सभी आरोपित अभी न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2), भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) और 13(1)(ए) और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट की धारा 10, धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 24 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले की तेजी से सुनवाई के लिए राऊज एवेन्यू कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का आदेश दिया था। इस फास्ट ट्रैक कोर्ट का जज अनु ग्रोवर बलिगा को नियुक्त किया गया था। नवगठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में 27 जुलाई को पहली सुनवाई हुई जिसे टालनी पड़ी, क्योंकि सीबीआई की ओर से पब्लिक प्रोसिक्यूटर नियुक्त नहीं किया गया था।
