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नई दिल्ली, 01 अप्रैल । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कोविड-19 महामारी के दौरान ऑन ड्यूटी अपनी जान गंवाने वाले छह सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि दिल से निकली कृतज्ञता, संवेदना और सम्मान का प्रतीक है। जब पूरी दुनिया डर और अनिश्चितता से जूझ रही थी, तब इन बहादुर योद्धाओं ने अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखा और बिना अपनी जान की परवाह किए लोगों की सेवा में जुटे रहे।

मुख्यमंत्री ने कोरोना योद्धाओं के परिजनों से संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को संवेदनशीलता के साथ सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। ये केवल अपने परिवारों के ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के नायक हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार इन परिवारों के साथ हमेशा एक अपने परिवार की तरह खड़ी रहेगी और हर संभव सहयोग देती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने खासतौर पर उन मुश्किलों के बारे में भी जाना, जिनका सामना इन परिवारों को पिछली सरकार के समय करना पड़ा। फाइलों में देरी और अनुग्रह राशि समय पर न मिलने के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और कई परेशानियां झेलनी पड़ीं। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार ऐसे मामलों को अब सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगे किसी भी योग्य परिवार को मदद पाने के लिए बेवजह इंतजार न करना पड़े।

कार्यक्रम के दौरान छह कोविड योद्धाओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई। ये सभी कर्मी सरकार के विभिन्न विभागों जैसे एमसीडी, डीटीसी, दिल्ली जल बोर्ड, इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर, एनडीएमसी एवं मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से जुड़े थे। पैरामेडिकल स्टाफ ने अस्पतालों और टेस्टिंग सेंटरों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं। वहीं अन्य विभागों के कर्मचारियों ने यह सुनिश्चित किया कि लॉकडाउन के दौरान भी दिल्ली की बुनियादी सेवाएं पानी, सफाई और परिवहन निर्बाध रूप से चलती रहें।

सहायता राशि देने में हुई देरी पर मुख्यमंत्री ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि कोरोना योद्धाओं के परिवारों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। यह आर्थिक मदद केवल एक सहारा है ताकि परिवारों को रोजमर्रा की परेशानियों में कुछ राहत मिल सके।

इसके अलावा, दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक यूनिट के एएसआई स्वर्गीय राधे श्याम के परिवार को भी एक करोड़ रुपये की सहायता दी गई। उन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई थी। मुख्यमंत्री ने द्वारका में एक दिवंगत बालक के परिवार को भी आर्थिक मदद दी। उन्होंने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सरोकारों को सशक्त करते हुए दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (डीएसआईआईडीसी) की सीएसआर पहल के अंतर्गत बुढपुर स्थित ‘अपना घर आश्रम’ को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि का चेक वितरित किया। यह राशि आश्रम के संचालन व्यय के लिए प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘अपना घर आश्रम’ जैसे संस्थान निराश्रित एवं असहाय लोगों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा और सम्मानजनक जीवन प्रदान कर समाज में सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने समाज के सक्षम वर्ग से भी ऐसे प्रयासों में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि एक संकल्प और भावना है। दिल्ली सरकार पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर दिल्ली को कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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By editor

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