नैनीताल सीएमओ कार्यालय का कर्मचारी सहकर्मी महिला से छेड़छाड़ के आरोपों से दोषमुक्त

नैनीताल, 2 मार्च (हि.स.)। नैनीताल के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रवि प्रकाश के न्यायालय ने जनपद के सीएसओ यानी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के एक कर्मचारी को छेड़छाड़ व जान से मारने की धमकी देने के आरोपों से दोषमुक्त करार कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि इस बहुचर्चित मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने मार्च 2023 में अपने एक सहकर्मी मयंक शर्मा के विरुद्ध छेड़छाड़, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाये थे। इस पर तल्लीताल थाने में संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया था।

महिला का दावा साबित हुआ झूठा

इस मामले में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयानों व पुलिस की जांच रिपोर्ट को आधार पर न्यायालय ने कहा कि अभियोजन आरोपों को साबित नहीं कर पाया। खासकर न्यायालय में शिकायतकर्ता का यह दावा झूठा साबित हुआ कि वह कभी भी आरोपित के साथ ना ही घूमने गयी और न ही उसका आरोपित से मित्रतापूर्ण संबंध था। इस आधार पर न्यायालय ने उसके द्वारा दिये गये साक्ष्यों को भी विश्वसनीय नहीं माना। यह भी साबित नहीं हो पाया कि आरोपित का आशय महिला की लज्जाभंग करने या उसे जान से मारने का था। इस प्रकार संदेह का लाभ देते हुए न्यायालय ने आरोपित को दोषमुक्त करार दे दिया।

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