सीओ भी इस पूरे मामले में सही ढंग से पर्यवेक्षण नहीं कर पाए हैं। उनकी कार्यशैली की जांच एसपी पूर्वी को सौंपी गई है। टीवी एक्टर द्वारा किसान परिवार पर गोलियां बरसाने और एक की हत्या करने के मामले में आखिर गाज गिर गई है। इस मामले में थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
बतादें कि बिजनौर में बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव कुआं खेड़ा में बॉलीवुड अभिनेता भूपेंद्र सिंह ने अपने पड़ोसी किसान गुरदीप सिंह के परिवार पर लाइसेंस रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इसमें गुरदीप के एक बेटे गोविंद की गोली लगने से मौत हो गई थी। गुरदीप सिंह और उनके दूसरे बेटे अमरीक सिंह भी गोली लगने से घायल हुए थे। दोनों का मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह गोलीकांड और हत्याकांड महज आठ इंच जमीन के लिए ही हुआ था।
बॉलीवुड एक्टर भूपेंद्र सिंह 100 एकड़ से भी ज्यादा कृषि भूमि के स्वामी है। उसके कृषि फार्म और किसान गुरदीप के खेत की मेड़ पर खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ काटने को लेकर हुए विवाद में भूपेंद्र ने गोली बरसा दी थी। इस हत्याकांड से पहले पीड़ित परिवार ने पुलिस से गुहार लगाई थी। इसमें बढ़ापुर पुलिस उदासीन बनी रही। इतना ही नहीं बॉलीवुड एक्टर की रसूख के चलते बढ़ापुर पुलिस ने आंख बंद कर ली।
एसपी नीरज जादौन दो दिन के अवकाश पर थे। अवकाश से लौटते ही उन्होंने मामले की पड़ताल कर बढ़ापुर थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि भूमि विवाद से संबंधित प्रकरण का समय से निस्तारण नहीं करने के संबंध में थानाध्यक्ष बढ़ापुर सुमित राठी, उप निरीक्षक यासीन और आरक्षी कृष्ण कुमार की लापरवाही रहीं। क्षेत्राधिकारी नगीना संग्राम सिंह का शिथिल पर्यवेक्षण भी पाया गया है। एसपी ने तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष बढ़ापुर सुमित राठी दरोगा यासीन और सिपाही कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
