मुज़फ्फरनगर | गोरखपुर में शिवसेना प्रदेश महासचिव मनोज उर्फ लल्लन दूबे पर हुए हमले और गिरफ्तारी के विरोध में शिवसेना ने मगलवार को जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इस प्रकरण को भ्रष्टाचार उजागर करने की साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।शिवसेना ने आरोप लगाया कि प्रदेश महासचिव मनोज उर्फ लल्लन दूबे पर गोरखपुर में हमला हुआ है और उसके बाद उन्हें जेल भेज दिया |
मंगलवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि 10 सितंबर को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और उनके सहयोगियों ने दूबे पर हमला किया। उनका कहना है कि दूबे ने आरटीआई के जरिए विभागीय भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर किया था, जिसके चलते उन्हें धमकाया गया और योजनाबद्ध तरीके से मारपीट कर जेल भिजवा दिया गया। इस घटना को संगठन ने “भ्रष्टाचार छुपाने का प्रयास” करार दिया।
शिवसेना की प्रमुख मांग:-
ज्ञापन में पार्टी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और इसमें शामिल सभी अधिकारियों और व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई हो। साथ ही, मनोज दूबे को सुरक्षा दी जाए, पीडब्ल्यूडी विभाग में फैले भ्रष्टाचार की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और उन पर लगाए गए सभी मुकदमे तुरंत वापस लेकर उन्हें जेल से रिहा किया जाए। इस दौरान जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेडा ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति पर हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने वालों की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो शिवसेना आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस अवसर पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता प्रमोद अग्रवाल देवेंद्र चौहान चेतन देव आर्य राजीव गर्ग भारत राजपूत सूरज सेठी जितेंद्र गोस्वामी संजय गुप्ता लोकेश कश्यप विनय चौहान विवेक सैनी प्रेमचंद सुशील कुमार दीपक उपाध्याय श्रवण कुमार पवन कुमार रूपराम कश्यप संजय रामपाल कमल गोस्वामी रुद्र कुमार रोशन सहित अनेक कार्यकर्ता
