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आगरा , 14 जुलाई । उत्तर प्रदेश के जनपद आगरा स्थित आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराब के बाद चलती ट्रेन को दौड़कर पक़ड़ती महिला के लिए स्टेशन मास्टर द्वारा ट्रेन रुकवाने के बाद आरपीएफ कर्मियों और रेलवे अधिकारी के मध्य उपजे विवाद और स्टेशन मास्टर के साथ मारपीट में चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, मामले की जांच हेतु तीन सदस्यों की कमेटी गठित कर दी गई है। इस कार्रवाई से संतुष्ट न होकर ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स संगठन (AISMA) द्वारा दोषी आरपीएफ कर्मियों की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर डीआरएम कार्यालय आगरा पर जोरदार प्रदर्शन कर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस रुकवाने के प्रकरण में आर पी एफ कर्मियों और स्टेशन मास्टर नरेंद्र सिंह चाहर के मध्य उपजे विवाद में आरपीएफ कर्मियों द्वारा नरेंद्र चाहर के साथ बेरहमी से मारपीट के मामले में चार आरपीएफ कर्मियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत हो चुका है,चारों कर्मी निलंबित भी कर दिए गए हैं तथा तीन सदस्य समिति द्वारा मामले की जांच की जा रही है परन्तु इस कार्रवाई से स्टेशन मास्टरों का संगठन और रेलवे कर्मचारी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे है। मंगलवार को स्टेशन मास्टर एसोसिएशन, रेलवे श्रमिक संगठन एससीआरएमयू तथा अन्य श्रमिक संगठनों द्वारा आरपीएफ कर्मियों की शीघ्र गिरफ्तारी उनकी बर्खास्तगी की मांग को लेकर डीआरएम कार्यालय आगरा पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स संगठन के राष्ट्रीय महासचिव शरत चंद्र पुरोहित दिल्ली से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। डीआरएम आगरा से बातचीत की, चेतावनी दी गई कि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो रेलवे कर्मचारी आंदोलन को तेज करेंगे। इस आंदोलन में उत्तर प्रदेश के करीब 23 जनपदों से पहुंचे करीब सेकड़ों स्टेशन मास्टर और अन्य रेलवे पदाधिकारी मौजूद रहे।

डीआरएम कार्यालय पर धरना /प्रदर्शन/ नारेबाजी के दौरान एससीआरएमयू सहित कई रेलवे संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के साथ चक्का जाम जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। पीड़ित डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर भी लगातार दोषी कर्मचारियों की गिरफ्तारी और सेवा से बर्खास्तगी की मांग पर कायम हैं। ज्यादातर रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि उनकी निगाहें अब रेलवे प्रशासन और जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

पीड़ित डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने कहा कि इस घटना से उनके स्वाभिमान को बहुत चोट लगी है आगरा रेल मंडल की छवि भी बहुत खराब हुई है उनकी केवल एक ही मांग है— मामले में शामिल सभी आरोपिताें को बर्खास्त किया जाए और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इससे कम उन्हें कुछ भी स्वीकार नहीं होगा।

धरना प्रदर्शन के दौरान पीड़ित स्टेशन मास्टर नरेंद्र सिंह चाहर की पत्नी हरेंदरी चाहर भी दोपहर करीब 2 बजे आंदोलन स्थल पर पहुंची जहां पत्रकारों के सामने उन्होंने कहा कि यदि आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती तो वे आत्महत्या को मजबूर होगी, उनके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की घटना का वीडियो जो उन्होंने देखा है उससे उसका मन बहुत आहत है। इसी दौरान नरेंद्र सिंह चाहर के परिवार की दो महिलाएं रेल पटरी पर जा पहुंची जिनको किसी तरह समझा वह जाकर वापस लाया गया।

धरना प्रदर्शन और नारेबाजी कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों से करीब 500 स्टेशन मास्टर्स और रेलवे संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे, इस दौरान आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स संगठन के पदाधिकारी स्वदेश यादव ने बताया कि नरेंद्र सिंह चाहर के साथ घटित इस घटना से हम सभी स्टेशन मास्टर्स और रेलवे कर्मचारी आहत हैं मंगलवार को लगभग उत्तर प्रदेश के 30 जनपदों में विरोध कार्यक्रम किए गए हैं । उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से स्टेशन मास्टर्स और रेलवे संगठनो कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने रेल प्रशासन को अवगत करा दिया है कि यदि शीघ्र ही दोषी आर पी एफ कर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी,गिरफ्तारी जैसी सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है तो स्टेशन मास्टर एसोसिएशन आंदोलन उग्र करते हुए रेलवे संचालन को प्रभावित करने पर भी विचार कर सकती है।

By editor

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