नीरज प्रजापति
जिस खेत में मिला था कथित सोना, वहीं पहुंचकर खंगाले पुराने सुराग, मिट्टी के बर्तनों और घटनास्थल का लिया जायजा
मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के गांव मांडी में करीब 26 वर्ष पहले सामने आए चर्चित ‘मांडी सोना कांड’ ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विजय कुमार गांव मांडी पहुंचे और वर्ष 2000 में कथित रूप से सोना मिलने वाले खेत का मौके पर पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। उनके गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही पुराने प्रकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
बताया जाता है कि करीब 1 जुलाई 2000 को गांव मांडी में एक खेत की खुदाई के दौरान मिट्टी के बर्तनों, जिन्हें स्थानीय स्तर पर करव कहा जाता है, के साथ कथित तौर पर सोना मिलने की बात सामने आई थी। घटना के बाद यह मामला आसपास के क्षेत्र ही नहीं, बल्कि दूर-दराज तक चर्चा का विषय बन गया था। समय बीतने के साथ मामला भले ही पुराना हो गया, लेकिन इससे जुड़ी चर्चाएं आज भी लोगों के बीच बनी हुई हैं।
घटनास्थल पर पहुंचे पूर्व डीजीपी
मंगलवार को पूर्व डीजीपी विजय कुमार ने उसी खेत का निरीक्षण किया, जहां वर्षों पहले कथित रूप से सोना मिलने की बात सामने आई थी। उन्होंने खेत की स्थिति को करीब से देखा और प्रकरण से जुड़े पुराने घटनाक्रम, उपलब्ध साक्ष्यों तथा मौके से जुड़े तथ्यों की जानकारी हासिल की।
निरीक्षण के दौरान खेत से मिले मिट्टी के बर्तनों और अन्य पुराने अवशेषों को भी देखा गया। पूर्व डीजीपी ने घटनास्थल से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने के साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारियों से मामले की अब तक की जानकारी भी ली।
पुराने साक्ष्यों को खंगालने पर जोर
मामले की पड़ताल के दौरान वर्ष 2000 में सामने आए घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व डीजीपी विजय कुमार ने प्रकरण को लेकर गंभीरता से जानकारी जुटाई। उनका कहना था कि पूरे मामले में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस अधिकारी भी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान सीओ फुगाना नरेंद्र यादव और बघरा चौकी प्रभारी अमित चौधरी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूर्व डीजीपी को घटनास्थल की स्थिति तथा प्रकरण से संबंधित उपलब्ध जानकारी से अवगत कराया।
पुराने रहस्य पर फिर टिकी निगाहें
करीब 26 वर्ष बाद पूर्व डीजीपी के घटनास्थल पर पहुंचने से ‘मांडी सोना कांड’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुराने घटनाक्रम, घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान कौन से नए तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल जांच जारी है और इसके आधार पर ही इस बहुचर्चित प्रकरण की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
