हाथ की सफाई नाटक रचकर दुकानदार की आंखों में झोंकी धूल, 10 हजार लेकर ठग फरार
जानसठ/ मीरापुर | कस्बे के व्यस्ततम पड़ाव चौक स्थित भवैय पैलेस के पास एक शातिर ठग ने फिल्मी अंदाज में नाटक रचकर एक दुकानदार को 10 हजार रुपये का चूना लगा दिया। ठग इतनी चतुराई से वारदात को अंजाम देकर रफूचक्कर हुआ कि दुकानदार को भनक तक नहीं लगी। घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में दहशत और रोष का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, पड़ाव चौक निवासी देवेंद्र गुर्जर की दुकान पर एक अज्ञात व्यक्ति ग्राहक बनकर आया। शातिर ठग ने पहले दुकानदार को अपनी बातों में उलझाया और चीनी, दाल समेत अन्य राशन का सामान निकलवाया। इसी दौरान उसने बड़ी ही मासूमियत से दुकानदार के सामने एक प्रस्ताव रखा। उसने कहा कि उसे किसी को भुगतान करने के लिए 500-500 के नोटों की जरूरत है, जबकि उसके पास 200-200 के नोट हैं।
दुकानदार देवेंद्र उसकी बातों में आ गया और उसने 10 हजार रुपये के 500 वाले नोट ठग को दे दिए। ठग ने नाटक करते हुए उन नोटों को दुकानदार के काउंटर पर रखी एक रजिस्टर के अंदर रख दिया और कहा— “इन्हें सीधा होने दो, तब तक मैं दूसरा सामान ले लेता हूँ।” इसी बीच ठग ने अपनी अगली चाल चलते हुए सरसों का तेल मांगा। जब दुकानदार ने बर्तन मांगा, तो ठग ने बहाना बनाया कि उसके पास बर्तन नहीं है और दुकानदार से ही बोतल का इंतजाम करने को कहा। जैसे ही दुकानदार बोतल लेने के लिए अंदर मुड़ा, ठग ने पलक झपकते ही रजिस्टर से पैसे निकाले और चंपत हो गया। दुकानदार जब बोतल लेकर आया, तो ठग ने कहा कि वह बोतल को थोड़ा धो ले ताकि साफ हो जाए। सफाई के बहाने वह दुकान से बाहर निकला और बाहर खड़ी अपनी स्कूटी पर सवार होकर तेज रफ्तार से फरार हो गया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो दुकानदार को शक हुआ। और काफी चेक करने पर पता चला कि उसमें रखे 10 हजार रुपये गायब थे।

पीड़ित दुकानदार ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुँचे मात्र दो सिपाहियों ने छानबीन की, लेकिन कस्बा चौकी प्रभारी ने पहुंचाना भी उचित नहीं समझा हालांकि बराबर मे लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकाली है जिसमें ठग जाता हुआ साफ़ नज़र आ रहा है लेकिन ठग का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में कस्बा चौकी इंचार्ज ओमेंद्र सिंह की कार्यशैली को लेकर भारी असंतोष है। चर्चा है कि क्षेत्र में ठगों के गिरोह सक्रिय हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण उनके हौसले बुलंद हैं।
