खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर अब यूरोप तक पहुंच रहा है। यूरोपीय आयोग ने चेतावनी दी है कि यह संकट लंबे समय तक चल सकता है, जिससे ऊर्जा की भारी कमी हो सकती है। आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे घर से काम करें, कम गाड़ी चलाएं और हवाई यात्रा घटाएं, ताकि ऊर्जा की बचत हो सके। साथ ही, यूरोपीय देशों से कहा गया है कि वे जल्द से जल्द नवीकरणीय ऊर्जा (renewables) को बढ़ावा दें। यूरोपीय आयोग ने सदस्य देशों से अपील की है कि वे लोगों को ऊर्जा बचाने के लिए प्रेरित करें, जैसे घर से काम करना, कम यात्रा करना और ईंधन की खपत घटाना।

 

1970 जैसी हो सकती स्थिति
यूरोप का ट्रांसपोर्ट सेक्टर खाड़ी क्षेत्र से आने वाले तेल पर काफी निर्भर है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ बंद होने के कारण तेल सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे संकट और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति 1970 के तेल संकट जैसी हो सकती है, जब ईंधन राशनिंग और “नो-कार डे” जैसे कदम उठाए गए थे। फातिह बिरोल ने चेतावनी दी कि अगर युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ, तो ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। जर्मनी के नेतृत्व ने भी कहा है कि अगर हालात बिगड़े, तो इसका असर COVID-19 महामारी जितना गंभीर हो सकता है।

दुनिया भर में उठाए जा रहे कदम

  • थाईलैंड: वर्क फ्रॉम होम और AC 26°C पर रखने की सलाह
  • फिलीपींस: 4 दिन का ऑफिस वीक
  • पाकिस्तान: 50% सरकारी कर्मचारी घर से काम
  • वियतनाम: साइकिल उपयोग बढ़ाने की अपील
  • दक्षिण कोरिया: पानी और ऊर्जा बचाने की सलाह
  • मिस्र: दुकानों के समय सीमित

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights