निर्वाचन आयोग ने रविवार को कहा कि बिहार की मतदाता सूची के एसआईआर के एक महीने तक चले पहले चरण के समापन के बाद 7.24 करोड़ या 91.69 प्रतिशत मतदाताओं से गणना फार्म प्राप्त हो गए हैं। SIR के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय आज सुनवाई करेगा। आयोग ने बताया कि 36 लाख लोग या तो अपने पिछले पते से स्थायी रूप से पलायन कर चुके हैं या फिर उनका कोई पता ही नहीं है। इसने कहा कि बिहार के सात लाख मतदाताओं का कई जगहों पर नाम दर्ज है।
गणना प्रपत्र वितरित करने और वापस प्राप्त करने से संबंधित एसआईआर का पहला चरण 25 जुलाई को समाप्त हो गया। आयोग ने कहा कि बीएलओ को ये मतदाता नहीं मिले और न ही उन्हें गणना फॉर्म वापस मिले, क्योंकि या तो वे अन्य राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता बन गए हैं।
SIR मामले में सुनवाई आज
बिहार में एसआईआर के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय सोमवार को सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ इस मामले पर विचार कर सकती है।
