बरेली में जुमे की नमाज के बाद शहर की फिजा खराब करने और माहौल बिगाड़ने की साजिश में बरेली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 81 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें दो आरोपी डॉक्टर नफीस और उनका बेटा फरहान खान भी शामिल हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए भीड़ जुटाकर उपद्रव भड़काने की भूमिका निभाई. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में तीन ऐसे व्यक्ति भी हैं जो पश्चिम बंगाल और बिहार के रहने वाले हैं, जो घटना के दौरान सक्रिय रूप से शामिल थे.

पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसक घटना में कुछ उपद्रवियों ने भीड़ की आड़ लेकर पुलिस पर पथराव किया और हथियार छीनने का प्रयास किया था. सीबीगंज पुलिस ने सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया.

इसी क्रम में कोतवाली पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा के करीबी और राजदार डॉक्टर नफीस तथा उनके बेटे फरहान खान को भी हिरासत में लिया है. जांच में सामने आया है कि डॉक्टर नफीस ने नदीम के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से पहले एक व्हाट्सएप कॉल पर प्रदर्शन स्थगित करने का पत्र जारी किया और बाद में उसका खंडन करते हुए प्रशासन को गुमराह किया. इसी दौरान, उन्होंने बड़ी संख्या में भीड़ जुटाने की साजिश को अंजाम दिया.

बाप-बेटे ने की भीड़ एकत्र करने की अपील

वहीं, डॉक्टर नफीस के बेटे फरहान खान ने आईएमसी के फेसबुक पेज और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस्लामियां ग्राउंड पर भीड़ एकत्र करने की अपील की, जिसके चलते माहौल बिगड़ गया और हिंसा भड़क उठी. पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ धारा 109(1)(2), 118(2), 189(5) समेत लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शांति भंग करने की कई अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. बरेली पुलिस का कहना है कि माहौल बिगाड़ने की इस पूरी साजिश में तकनीक और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किया गया.

अबतक 81 लोगों की हुई गिरफ्तारी

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि डॉक्टर नफीस सहित अब तक 81 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पिता पुत्र ने 26 दिसम्बर को मोबाइल और लैपटॉप की मदद से भीड़ को इस्लामियां ग्राउंड पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पहुंचने की अपील की थी.

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